-रात के अंधेरे में दूर से नजर आएंगे श्रद्धालु, सड़क हादसों से बचाव के लिए यातायात पुलिस की पहल
हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशानुसार यातायात पुलिस की ओर से सालासर जाने वाले पैदल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष पहल की गई। यातायात थानाधिकारी अनिल चिन्दा के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के बैग और टी-शर्ट पर रिफ्लेक्टर लगाए गए, ताकि रात के समय सड़क पर चलने वाले पैदल यात्री वाहन चालकों को दूर से दिखाई दे सकें और संभावित सड़क दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।
यातायात पुलिस की इस पहल का उद्देश्य सालासर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों की आशंका को कम करना है। पैदल यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु देर रात और तड़के सड़क मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में कम रोशनी और तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। रिफ्लेक्टर लगाए जाने से वाहनों की रोशनी पड़ने पर श्रद्धालु दूर से ही दिखाई देने लगते हैं, जिससे वाहन चालकों को समय रहते सतर्क होने और गति नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
यातायात थानाधिकारी अनिल चिन्दा ने कहा कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। धार्मिक यात्राओं के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़क मार्ग से पैदल सफर करते हैं। विशेषकर रात के समय श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। रिफ्लेक्टर का उपयोग करने से वाहन चालकों को दूर से ही पैदल यात्रियों की मौजूदगी का पता चल सकता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम करने में मदद मिलती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सड़क पर चलते समय यातायात नियमों का पालन करें और यथासंभव सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर चलें। रात के समय चमकीले या रिफ्लेक्टर युक्त कपड़ों का उपयोग करें तथा सड़क पार करते समय विशेष सतर्कता बरतें। पैदल यात्रियों को समूह में चलते हुए एक-दूसरे की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही वाहन चालकों से भी अपील की गई कि वे धार्मिक यात्रा के दौरान सड़क पर चल रहे श्रद्धालुओं को देखते हुए वाहन की गति नियंत्रित रखें और सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं।
यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं को जागरूक करते हुए संदेश दिया कि थोड़ी सी सावधानी और सुरक्षा उपायों को अपनाकर सड़क दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित बनाना और सभी को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है।

