उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 454 केंद्रों पर हुआ बुनियादी साक्षरता मूल्यांकनr
67,478 महिला-पुरुष असाक्षरों ने दी परीक्षा, महिलाओं की भागीदारी रही उत्साहजनक
हनुमानगढ़। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को जिले के 454 परीक्षा केंद्रों पर पंजीकृत असाक्षरों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली। परीक्षा को लेकर जिलेभर के केंद्रों पर परीक्षार्थियों में उत्साह और खुशी का माहौल नजर आया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए परीक्षा दी।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी पन्ना लाल कड़ेला के मार्गदर्शन में आयोजित इस मूल्यांकन परीक्षा का उद्देश्य असाक्षर महिला-पुरुषों को बुनियादी शिक्षा से जोड़ने के साथ उन्हें डिजिटल साक्षर, वित्तीय साक्षर एवं कौशलयुक्त बनाना है, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें और सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आगे बढ़ सकें।
जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी पन्ना लाल कड़ेला ने बताया कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रथम एसेसमेंट टेस्ट के लिए जिले को 60 हजार महिला एवं पुरुष असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य दिया गया था। इसके मुकाबले जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कुल 67,478 असाक्षरों ने मूल्यांकन परीक्षा में भाग लिया। इनमें 26,453 पुरुष तथा 41,025 महिलाएं शामिल रहीं। लक्ष्य से अधिक परीक्षार्थियों के परीक्षा में शामिल होने से कार्यक्रम के प्रति लोगों की जागरूकता और उत्साह का पता चलता है।
परीक्षा के दौरान केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुचारू रखने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ साक्षरता अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रश्नपत्र हल किया। विशेष रूप से महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति कार्यक्रम की सफलता का महत्वपूर्ण पक्ष रही।
कड़ेला ने बताया कि परीक्षा के बाद सोमवार से परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू किया जाएगा। मूल्यांकन के माध्यम से असाक्षरों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता संबंधी दक्षताओं का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की साक्षरता गतिविधियों एवं प्रशिक्षण को प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा।
उन्होंने परीक्षा के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों, केंद्राधीक्षकों, वीक्षकों, साक्षरता प्रभारियों, ब्लॉक समन्वयकों, सर्वेयरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का आभार जताते हुए उनकी भागीदारी को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से जिले में असाक्षरता को दूर करने और प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा से जोड़ने के लक्ष्य को गति मिलेगी।

