-पूर्व विधायक बलवान पुनियां बोले—कार्यकर्ताओं को दबाने की कोशिश हुई तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से देगी जवाब
हनुमानगढ़। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (माकपा) की ओर से बुधवार, 14 अक्टूबर को लाल चौक स्थित पार्टी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने हनुमानगढ़ टाउन पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 666/2026 सहित अन्य मामलों की निष्पक्ष जांच करवाने और पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज कथित झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई। इस दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर विचार करने की अपील की।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक बलवान पुनियां ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संघर्षों के बीच तैयार हुआ है और वह डरने या दबाव में आने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान सरकार के दबाव में पुलिस द्वारा कोई अनुचित कार्रवाई की जाती है, तो पार्टी उसका कड़ा जवाब देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्यकर्ता को दबाव में नहीं आने दिया जाएगा और पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी।
कामरेड रामेश्वर वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने, शांतिपूर्ण विरोध करने और जायज मांगों को उठाने का अधिकार है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि किसी भी मामले में राजनीतिक पक्षपात की आशंका को दूर करते हुए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए।
माकपा नेताओं ने कहा कि टाउन पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 666/2026 में पार्टी के अधिवक्ता एवं सक्रिय कार्यकर्ता रघुवीर सिंह वर्मा का नाम भी शामिल है। पार्टी का कहना है कि रघुवीर सिंह वर्मा नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। नेताओं ने मामले में राजनीतिक दबाव की आशंका जताते हुए संबंधित प्रकरण की निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई की मांग की।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने एफआईआर संख्या 666/2026 सहित संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच करवाने, अधिवक्ता रघुवीर सिंह वर्मा एवं अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों की समीक्षा करने तथा निराधार पाए जाने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, वक्ताओं ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगी। माकपा नेताओं ने दोहराया कि कार्यकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा और संबंधित मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। जिला पुलिस अधीक्षक से सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता हुई जिला पुलिस अधीक्षक ने आश्वस्त किया कि किसी भी प्रत्याशी किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया जा रहा और चुनाव को निष्पक्ष तरीके से करवाया जाएगा। माकपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर किसी भी प्रत्याशी या कार्यकर्ता को पुलिस द्वारा नाजायज परेशान किया गया तो रेल रोकने और सड़क रोकने जैसे आंदोलनात्मक बड़े कदम उठाए जाएंगे।इस मौके पर चन्द्रकला वर्मा, शेर सिंह शाक्य, गुरप्रेम सिंह, वारिस अली, सुल्तान खान, बलदेव मक्कासर, वेद मक्कासर, मोहन लोहरा, प्रहलाद टाक, लाली सिद्धू, राजा पहलवान, विनोद भादू, गोपाल बिश्नोई, सुरेश जोडकिया, शिवकुमार, बहादुर सिंह चौहान, बसंत सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

