हनुमानगढ़ में सर्व समाज की बैठक, विधायक गणेश बंसल के बयान की कड़ी निंदा

हनुमानगढ़। स्थानीय जंक्शन जाट भवन में बुधवार को सर्व समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्दलीय विधायक गणेश बंसल द्वारा जाति विशेष को लेकर दिए गए विवादित बयान की कड़ी निंदा की गई। बैठक में सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर विधायक के बयान को समाज को बांटने वाला और राजनैतिक लाभ के उद्देश्य से दिया गया बताते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि विधायक गणेश बंसल ने 28 जनवरी 2025 को एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि “एक जाति विशेष के रूप में जाट समाज मूल ओबीसी का हक खा गया।” इस बयान के बाद समाज में व्यापक असंतोष फैल गया, और इसे समाज को तोड़ने का षड्यंत्र बताया गया। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यह बयान न केवल जाट समाज बल्कि पूरे सर्व समाज के खिलाफ एक साजिश के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक में सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि हनुमानगढ़ की सामाजिक संरचना सर्वधर्म संभाव की रही है, जहां सभी जाति एवं समुदाय के लोग मिल-जुलकर रहते आए हैं। लेकिन विधायक गणेश बंसल के इस बयान से समाज में वैमनस्यता फैलाने और हिंसा भड़काने की कोशिश की गई है, जो अस्वीकार्य है। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के बयान राजनैतिक लाभ लेने के लिए दिए जाते हैं, जिससे समाज में बंटवारा हो और एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा सके।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज में जाट, सिख, मुसलमान, विश्नोई सहित अन्य कई समाज आते हैं। ऐसे में विधायक ने केवल जाट समाज को निशाना बनाकर अन्य समाजों को भी अप्रत्यक्ष रूप से विभाजित करने की कोशिश की है। वक्ताओं ने आशंका जताई कि यदि ऐसे बयानों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में जटसिख समाज, विश्नोई समाज और मुस्लिम समाज को भी इसी प्रकार निशाने पर लिया जा सकता है।
सर्व समाज ने एक स्वर में कहा कि विधायक द्वारा दिया गया यह बयान समाज को बांटने की राजनीति का हिस्सा है, और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि विधायक ने अपने बयान को लेकर माफी नहीं मांगी, तो सर्व समाज बड़े आंदोलन की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
बैठक के पश्चात सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा, जिसमें मुख्यमंत्री महोदय से आग्रह किया गया कि विधायक गणेश बंसल के इस समाज को बांटने वाले बयान को गंभीरता से लिया जाए और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि सरकार ऐसे विधायकों से दूरी बनाए जो समाज में भेदभाव और नफरत फैलाने का कार्य कर रहे हैं।
सर्व समाज ने प्रशासन से भी यह अनुरोध किया कि वह इस मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में कोई भी राजनेता समाज में विभाजन पैदा करने वाले बयान देने का दुस्साहस न कर सके। वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाता है, तो सर्व समाज आगे की रणनीति तय करेगा और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगा।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि हनुमानगढ़ में सभी जाति और समुदाय के लोग हमेशा से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते आए हैं। लेकिन कुछ स्वार्थी राजनेता अपने राजनीतिक हित साधने के लिए समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे सर्व समाज कतई स्वीकार नहीं करेगा।
बैठक में विभिन्न समाजों के वरिष्ठ नागरिक, युवा, समाजसेवी और राजनैतिक चेतना से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में विधायक के बयान की कड़ी निंदा की और भविष्य में इस तरह की राजनीति को बर्दाश्त न करने का संकल्प लिया।
बैठक के अंत में सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि विधायक गणेश बंसल अपने बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं और सरकार उनकी हरकतों पर संज्ञान नहीं लेती है, तो सर्व समाज उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। वक्ताओं ने कहा कि समाज को बांटने की कोशिश करने वाले नेताओं को राजनीतिक परिदृश्य से हटाने के लिए जनता को जागरूक किया जाएगा।
इस बैठक के माध्यम से सर्व समाज ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जाति और धर्म के आधार पर समाज को विभाजित करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी और सभी समाज के लोग एकजुट होकर इसका विरोध करेंगे।
इस मौके पर पूर्व सरपंच नूरनबी रोड़ावाली , सरपंच बालेखांन डबली राठान , सरपंच गुरलाल सिंह बहलोल नगर , सुखचेन गिल गुरुसर, जाट समाज समिति अध्यक्ष इंदरपाल रणवा, संरक्षक घनश्याम भादू, प्रेम घोटिया, भरत गोदारा, सुधीर बलिहारा, मुनसफ़ अली पुर्व सरपंच लखूवाली , शहीद खांन पुर्व सरपंच लखूवाली , आशीष पारीक , विजय तरड़, विपुल सिंवर, जसपाल सिंह, ब्राह्मण महासभा जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र,जिला जाट समाज समिति सचिव बलराम भाम्भू, देवदत्त भीड़ासरा, प्रेम माहिया सहित सर्व समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।