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नशे के खिलाफ महिलाओं की हुंकार, 11 मई को होगा धरना प्रदर्शन

-जनवादी महिला समिति की बैठक में गांव-गांव जनजागरण का लिया संकल्प
हनुमानगढ़। जनवादी महिला समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मक्कासर में जिला सचिव सर्वजीत कौर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड चन्द्रकला वर्मा मौजूद रही। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्थान में बढ़ते नशे के प्रचलन के खिलाफ आंदोलन को मजबूत करना और आगामी 11 मई को जिला कलेक्ट्रेट पर प्रस्तावित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन की तैयारियों पर चर्चा करना रहा।
बैठक में उपस्थित महिलाओं ने एक स्वर में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी तेजी से नशे की चपेट में आ रही है, जिससे समाज का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में चिट्टा, स्मैक, अफीम और विभिन्न प्रकार के मेडिकेटेड नशे खुलेआम बिक रहे हैं, जिसमें पुलिस की मिलीभगत भी सामने आ रही है। महिलाओं ने मांग उठाई कि चिट्टे को सख्ती से एनडीपीएस एक्ट के तहत शामिल कर कठोर कार्रवाई की जाए।
कामरेड चन्द्रकला वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे आकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने आगामी धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया।
जिला सचिव सर्वजीत कौर ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता लाकर नशे के खिलाफ स्थायी समाधान निकालना है। उन्होंने बताया कि 11 मई को कलेक्ट्रेट पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में एक नई कमेटी का गठन भी किया गया, जिसमें मुरली देवी, लक्ष्मी, रानी देवी, राजबाला, सीमा देवी, संतोष, पुष्पा, राजो देवी और नीमा को जिम्मेदारी सौंपी गई। यह कमेटी गांव-गांव और घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक करेगी और धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगी।
इस दौरान दाखां देवी, मूर्ति देवी, पुष्पा, सीमा, कमला, सुमन, रज्जो, मूर्ति, रीना, लीलो, सोमा, लच्छो, प्रेमो, रानी, कृष्णा, सुशील, संतोष, नीमा, सपना, राजबाला, कृष्णा, मूर्ति रानी, संतोष, सीमा सहित अनेक महिलाएं मौजूद रहीं।
बैठक के अंत में सभी महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे नशे के खिलाफ इस आंदोलन को जनआंदोलन का रूप देंगी और समाज को इस बुराई से मुक्त कराने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेंगी।

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