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बारदाने की कमी से धानमंडियों में थमी गेहूं खरीद व्यवस्था

– लिफ्टिंग बंद होने से मंडियों में लगे गेहूं के ढेर, किसान-व्यापारी परेशान; आंदोलन की चेतावनी
हनुमानगढ़। जिले की धानमंडियों में इन दिनों गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। बारदाने की कमी और लिफ्टिंग व्यवस्था प्रभावित होने के कारण मंडियों में गेहूं के कट्टों के ढेर लग गए हैं। इस मौके पर फ़ूडग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव दलीप सिंह ढिल्लों ने बताया सरकारी खरीद की अंतिम तिथि 31 मई नजदीक आने तथा लगातार खराब मौसम की आशंका ने किसानों और व्यापारियों की चिंता और बढ़ा दी है। सबसे अधिक प्रभावित स्थिति टाउन धानमंडी में देखने को मिल रही है, जहां पिछले दो दिनों से गेहूं की लिफ्टिंग लगभग पूरी तरह ठप पड़ी है। मंडी परिसर में गेहूं से भरे कट्टों के अंबार लगे हुए हैं और किसान अपनी उपज की सुरक्षा के लिए दिन-रात मंडी में बैठने को मजबूर हैं।
व्यापारियों और किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध नहीं करवाया गया और लिफ्टिंग व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो भारी नुकसान की स्थिति बन सकती है। हाल ही में हुई बारिश के कारण कई स्थानों पर खुले में रखी गेहूं भीग चुकी है और खराब होने लगी है। मौसम विभाग की ओर से आगामी दिनों में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन संस्था के अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल ने बताया कि टाउन धानमंडी में पिछले दो दिनों से गेहूं उठाव का कार्य पूरी तरह प्रभावित है। बारदाने और लिफ्टिंग दोनों को लेकर गंभीर समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि खरीद एजेंसियों के पास पर्याप्त गोदाम व्यवस्था नहीं होने से भी स्थिति बिगड़ रही है। क्यूआर टैग  वाला बारदाना आने के बाद वितरण किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन तब तक खरीद प्रक्रिया प्रभावित बनी हुई है। किरोड़ीवाल ने बताया कि अब तक एफसीआई की ओर से लगभग सात लाख कट्टों की खरीद की जा चुकी है, जबकि अभी भी करीब चार लाख कट्टों की अतिरिक्त आवश्यकता बनी हुई है। इस संबंध में जिला प्रशासन को अवगत करवा दिया गया है। प्रशासन की ओर से पांच से सात दिन में बारदाने की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन मंडियों में वर्तमान हालात को देखते हुए व्यापारी और किसान दोनों चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी खरीद देर से शुरू हुई और अब बारदाने की कमी ने स्थिति और खराब कर दी है। गोदामों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण गेहूं का उठाव प्रभावित हो रहा है। मंडी में खुले में रखी गेहूं बारिश के कारण खराब होने लगी है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अन्य एजेंसियां गेहूं खरीद रही हैं, लेकिन एफसीआई की खरीद प्रभावित होने से समस्या अधिक गंभीर हो गई है। किसान अपनी ढेरियों के पास बैठकर रखवाली कर रहे हैं ताकि बारिश या अन्य कारणों से नुकसान न हो। सचिव दलीप सिंह ढिल्लों ने बताया कि हाल ही में हुई बारिश के कारण कई स्थानों पर गेहूं भीग गई और अब उसमें से बदबू आने लगी है। उन्होंने कहा कि केवल एफसीआई ही नहीं बल्कि तिलम संघ के पास भी बारदाने की भारी कमी बनी हुई है। पिछले तीन से चार दिनों से बारदाना लगभग समाप्त हो चुका है और मंडियों में खरीद कार्य प्रभावित हो रहा है। ढिल्लों ने बताया कि अब तक केवल 60 से 65 प्रतिशत बारदाने की ही आपूर्ति हो पाई है, जबकि इस बार जिले में गेहूं की बुवाई अधिक क्षेत्र में हुई है और खरीद लक्ष्य भी बढ़ाया गया है। ऐसे में टाउन धानमंडी को अधिक मात्रा में बारदाना आवंटित किया जाना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापारियों को मजबूरन आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ेगा। मंडी में पहुंचे किसानों ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त की। किसानों का कहना है कि कई दिनों से वे मंडी में अपनी उपज लेकर बैठे हैं, लेकिन न तो समय पर तौल हो रही है और न ही कट्टों का उठाव। कई किसानों को रातभर मंडी में ही रुकना पड़ रहा है ताकि उनकी गेहूं सुरक्षित रह सके। किसानों का कहना है कि यदि बारिश हुई तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
व्यापारियों का कहना है कि बारदाने की कमी के कारण मंडियों में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मंडी परिसर में जगह कम पड़ने लगी है और नई आवक को संभालना मुश्किल हो रहा है। यदि शीघ्र व्यवस्था नहीं सुधरी तो खरीद प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अतिरिक्त बारदाना उपलब्ध करवाने के साथ गोदामों की व्यवस्था भी मजबूत की जाए।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने बारदाने की कमी से इनकार किया है। अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीणा ने कहा कि जिले में बारदाने की कोई कमी नहीं है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपलब्ध स्टॉक के अनुसार सभी मंडियों में बारदाना उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और खरीद व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कृषि उपज मंडी समिति सचिव सीएल वर्मा ने बताया कि गोदामों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन से अनुमति मिलते ही मंडी के 12 खाली शेडों को उपयोग में ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोमवार को टाउन धानमंडी से 46 हजार से अधिक कट्टों की लिफ्टिंग की गई थी। प्रशासन का प्रयास है कि खरीद और उठाव व्यवस्था को निरंतर जारी रखा जाए ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि प्रशासन के दावों के बावजूद मंडियों में स्थिति सामान्य नहीं दिख रही है। किसान और व्यापारी दोनों ही बारदाने की कमी, धीमी लिफ्टिंग और खराब मौसम को लेकर चिंतित हैं। यदि आगामी दिनों में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं हुआ और उठाव कार्य में तेजी नहीं आई तो जिले की धानमंडियों में संकट और गहरा सकता है। खरीद की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है और सभी की निगाहें अब प्रशासन और एफसीआई की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। इस मौके पर फ़ूडग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ईशान चौधरी,सहसचिव आशीष गोदारा,कोषाध्यक्ष प्रवीण तलवाड़िया,संदीप नागपाल,सन्नी जुनेजा,दयाराम,लवप्रीत सिंह, इंद्राज देग,भीमराज देग,विकास बंसल,प्रभजोत सिंह,राकेश जुनेजा,राकेश बंसल,संदीप कुमार आदि व्यापारी उपस्थित थे ।

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