Flash Story
विकसित भारत-जन सेवा अभियान : राष्ट्रीय स्वेच्छिक रक्तदान दिवस पर आमजन ने किया रक्तदान
वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
एफआईआर 185/2026 में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग, महिला थाना अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर हनुमानगढ़ में पुलिस द्वारा मैराथन दौड़ का आयोजन
आंगन मिलन सेवा से सजा अपनत्व का आंगन, स्वास्थ्य और पोषण का दिया संदेश
लायंस क्लब रॉयल्स के शिविर में 27 यूनिट रक्त संग्रहित
बीकानेर संभाग टोली की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, संगठन विस्तार व नशा मुक्त समाज निर्माण पर मंथन
पीलीबंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत NDPS एक्ट का वांछित आरोपी गिरफ्तार
वार्ड 10 में चोरी की घटनाओं से वार्डवासी परेशान, थाने पहुंचे वार्डवासी

सीटू ने हनुमानगढ़ टाउन में मनाया देशव्यापी मांग दिवस

चार लेबर कोड रद्द करने समेत मजदूरों की 8 सूत्रीय मांगों को लेकर नई धान मंडी में विरोध सभा

हनुमानगढ़ टाउन की नई धान मंडी में मंगलवार को सीटू से जुड़े तमाम संगठनों की ओर से देशव्यापी मांग दिवस के रूप में जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हनुमानगढ़ टाउन अनाज मंडी पल्लेदार मजदूर यूनियन, राजस्थान सीट्स कॉरपोरेशन मजदूर यूनियन, एफसीआई लेबर एंड पल्लेदार मजदूर यूनियन तथा भाईचारा कैंटर यूनियन हनुमानगढ़ टाउन से जुड़े सैकड़ों मजदूरों ने भाग लिया।
सभा के दौरान केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए मजदूर विरोधी चार लेबर कोड कानूनों को “गुलामी लादने वाले कानून” बताते हुए उनकी प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया गया। मजदूर नेताओं ने कहा कि ये लेबर कोड मजदूरों के वर्षों से चले आ रहे अधिकारों को खत्म करने का षड्यंत्र हैं और इससे संगठित व असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा। सभा को संबोधित करते हुए सीटू के जिलाध्यक्ष कामरेड आत्मा सिंह ने कहा कि मजदूर और ट्रेड यूनियनों पर दमन और दबिश की नीति तुरंत बंद होनी चाहिए। उन्होंने न्यूनतम वेतन महंगाई के अनुरूप 26,000 रुपये प्रतिमाह लागू करने की मांग उठाई। सीटू के जिला कोषाध्यक्ष कामरेड बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि 8 घंटे का कार्य दिवस सुनिश्चित किया जाए और ओवरटाइम का भुगतान डबल रेट से किया जाए।
सीटू जिला कमेटी सदस्य कामरेड बसंत सिंह और कामरेड हरजी वर्मा ने अपने संबोधन में सभी गिरफ्तार मजदूरों और कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई, पीएफ-ईएसआई जैसी मौजूदा कानूनी सुविधाओं को बहाल व मजबूत करने तथा स्थाई उत्पादन में ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी ठेका मजदूरों को स्थाई किया जाना चाहिए ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिल सके। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने एक स्वर में चारों लेबर कोड कानूनों को रद्द करने, श्रमिक हितैषी कानून लागू करने और मजदूर विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग उठाई। कार्यक्रम में कामरेड जगदीश यादव, रामबाबू, संदीप बसोड़, मिकलेश सिंह, श्रीचंद, अरविंद मुंशी, सुबोध पटेल, राजकुमार, ललन सिंह, शोपत राम, सुरेश कुमार, महावीर सिंह, जगमोहन सिंह, मेजर सिंह, विनीत, शक्ति सिंह, फिरोज खान, गुरुदेव राम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभा के अंत में नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Back To Top