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फाइनेंस कंपनी के खिलाफ दूसरे दिन समाप्त हुआ धरना

वार्ता के बाद 7 मामलों का समाधान, लोन क्लियर कर ग्राहकों को सौंपे गए दस्तावेज
हनुमानगढ़। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व में एसके फाइनेंस कंपनी के कार्यालय के सामने चल रहा धरना शनिवार को दूसरे दिन वार्ता के बाद समाप्त हो गया। कंपनी प्रतिनिधियों और माकपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई सकारात्मक बातचीत में कई मामलों पर सहमति बनी, जिसके बाद प्रभावित ग्राहकों को राहत मिली और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।
धरने के दूसरे दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में माकपा कार्यकर्ता और प्रभावित लोग कंपनी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ऋण की पूरी राशि ब्याज सहित जमा करवाने के बावजूद ग्राहकों को समय पर एनओसी और मूल दस्तावेज नहीं दिए जा रहे थे, जिससे लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कई लोगों ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से कंपनी के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा था।
स्थिति को गंभीर होता देख एसके फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचे और माकपा नेताओं तथा प्रभावित लोगों से विस्तृत वार्ता की। बातचीत के दौरान सात लोगों के लोन मामलों की जांच की गई, जिनमें तकनीकी एवं प्रक्रिया संबंधी गलतियां पाई गईं। कंपनी प्रतिनिधियों ने मौके पर ही उन त्रुटियों को सही करवाने की प्रक्रिया शुरू की और संबंधित ग्राहकों के लोन क्लियर कर उनके मूल कागजात एवं आवश्यक दस्तावेज उन्हें सुपुर्द किए गए।
दस्तावेज मिलने के बाद प्रभावित लोगों ने राहत महसूस की और माकपा नेताओं का आभार जताया। माकपा नेताओं ने कहा कि संघर्ष और एकजुटता के कारण ही लोगों को न्याय मिल सका है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवाज नहीं उठाई जाती तो आम लोगों की समस्याएं लगातार लंबित रहतीं।
धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि वित्तीय संस्थानों को ग्राहकों के साथ पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। जिन लोगों ने अपनी ऋण राशि पूरी जमा करवा दी है, उन्हें समय पर एनओसी और दस्तावेज मिलना उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि किसी ग्राहक को इस प्रकार की परेशानी होती है तो संगठन उसके समर्थन में खड़ा रहेगा।
वार्ता के सफल रहने और सात मामलों का समाधान होने के बाद माकपा नेताओं ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि उन्होंने कंपनी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में ग्राहकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए तथा सभी लंबित मामलों का समय पर निस्तारण किया जाए।
धरने में कामरेड रामेश्वर वर्मा, रघुवीर वर्मा, शेर सिंह शाक्य, बहादुर सिंह चौहान, मोहन लोहार, वेद मक्कासर, बलदेव सिंह मक्कासर, सुरेश जोडकिया, रिछपाल सिंह, वालीशेर, परशोतम, इरशाद अली, रफीक मोहम्मद सुल्तान, आनवर खान, लड्डू खान, लालचंद देवर्थ, ओमप्रकाश, नारायण राम सहित अनेक माकपा कार्यकर्ता एवं प्रभावित लोग मौजूद रहे।

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