ब्रेकिंग न्यूज़

3 लाख की सब्सिडी के लिए तीसरे वित्तिय वर्ष में दर दर भटक रहे किसान :- रेशमसिंह मानुका

19 मई को कलेक्ट्रेट पर धरने के लिए डिग्गी किसानों का जन सम्पर्क अभियान तेज
पीळीबंगा गांव बहलोलनगर में बाबा रामदेवजी मंदिर के सामने डिग्गी किसानों को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशम सिंह मानुका ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान के लिए फायदे का सौदा कही जाने वाली डिग्गी मुसीबत बन गई है। कृषि विभाग की योजनाएं किसानों के हित के लिए बनाई जाती है परन्तु डिग्गी किसानों पर फरवरी मार्च 2025 में दबाव बनाकर डिग्गी तैयार करवाई गई। उस समय खड़ी फसल काटी गई। किसानों को करीब 70 हजार रूपये का नुक़सान उठाना पड़ा। तब कृषि विभाग ने कहा कि मार्च में सब्सिडी के तीन लाख किसानों के खाते में आ जाएंगे। मगर किसानों को आज तक सब्सिडी नहीं मिली। किसान डिग्गी की लागत 6 लाख रूपये का ब्याज भर रहा है। सब्सिडी की आस में कृषि विभाग के चक्कर पर चक्कर काट रहा है। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्ट्रेट पर 19 मई सुबह 11 बजे को धरना व प्रदर्शन रखा गया है जिसमें किसानों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचना होगा। किसानों को अब आर पार की लड़ाई लड़नी होगी।
 किसान नेता सुभाष गोदारा ने कहा कि सरकार को जगाने के लिए बड़ा धरना करना होगा। डिग्गी सब्सिडी के 2 वित्तीय बीत चुके हैं। इस धरने पर किसानों को अपनी एकता दिखानी होगी। जन सम्पर्क अभियान में युवाओं को सोशल मीडिया की ताकत दिखानी होगी। 19 मई को धरने पर किसानों की ज्यादा से ज्यादा संख्या सरकार को झुका सकती है।
किसान भीमसेन ढाका ने बताया कि समय पर सब्सिडी नहीं मिलने पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। पानी के लिए डिग्गी तैयार की थी ताकि फसल अच्छी हो सके मगर समय पर सब्सिडी नहीं मिलने से सब कुछ उल्ट पुल्ट हो गया।
इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं भी साझा की। इस जन सम्पर्क अभियान में करीब तीन दर्जन से ज्यादा किसान पहुंचें। किसान नोपाराम पड़गड़, भागीरथ पड़गड़, प्रेमाराम, आत्माराम खीचड़, गुरसेवक सिंह, रजत मूंड, भीमसेन ढाका, हरीश हैरी, मोहित मूंड, सुरेन्द्र सिंह आदि ने अपने विचार रखे।

Related Articles

Back to top button