श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जागरूकता कार्यक्रमों से दिया सेवा भाव का संदेश
हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के अधीनस्थ बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम के छात्र-छात्राओं द्वारा अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस बड़े ही उत्साह, गरिमा एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नर्सिंग पेशे के महत्व, सेवा भावना तथा स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों के अमूल्य योगदान को सम्मान प्रदान करना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियाँ एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं ने नर्सिंग सेवा को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए मरीजों की देखभाल, समर्पण एवं करुणा के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सेवा, संवेदनशीलता एवं मानवता के मूल्यों को अपने प्रस्तुतिकरणों के माध्यम से उजागर किया, जिससे उपस्थित जनों को नर्सिंग पेशे की वास्तविक महत्ता का संदेश मिला।
इसी क्रम में वाग्भट वैलनेस एंड आयुष रिसर्च सेंटर में भी राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान में सेवाएं दे रहे नर्सिंग स्टाफ का सम्मान कर उनके समर्पण, सेवा भावना और स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग ऑफिसर छिन्द्रपाल एवं सुनीता बावरी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नर्सिंग कर्मी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो मरीजों की सेवा में सदैव तत्पर रहते हैं। संस्थान परिवार ने सभी नर्सिंग कर्मियों को राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
श्री गुरु गोबिंद सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने अपने संदेश में कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने कहा कि नर्सें मरीजों की सेवा, देखभाल एवं मानसिक सहयोग के माध्यम से समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सेवा, अनुशासन एवं संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य डॉ. सुखवीर सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस का आयोजन विद्यार्थियों में सेवा भावना, पेशेवर नैतिकता एवं स्वास्थ्य सेवा के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं मानवीय मूल्यों से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर डॉ. वाग्भट वैलनेस एंड आयुष रिसर्च सेंटर के प्रशासक जयवीर सिंह, सीएमओ डॉ. देवेन्द्र सैनी, डॉ. अवनी गुप्ता, रजिस्ट्रार एग्जाम सेल सुरेंद्र अरोड़ा, प्राचार्य जी.आर. शर्मा, डॉ. चंदन जिंदल सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नर्सिंग पेशे को समाज की आधारभूत स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



