औद्योगिक क्षेत्र के प्रदूषण से बढ़ी बीमारियां, माकपा ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
हनुमानगढ़। इंडस्ट्रियल एरिया के प्रथम चरण से फैल रहे भयंकर प्रदूषण और उससे उपज रही बीमारियों को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
माकपा तहसील समिति हनुमानगढ़ के बैनर तले दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रथम चरण के पास स्थित खुंजा के वार्ड नंबर 1, 2, 3 और 4 में बड़ी आबादी निवास करती है। ठीक बगल में बने इंडस्ट्रियल एरिया में पीओपी, काली इंडिया व खतरनाक केमिकल की फैक्टरियां चल रही हैं। इनकी चिमनियां निर्धारित मानक ऊंचाई से काफी कम हैं। चिमनियों से निकलने वाले धुएं व प्रदूषण से स्थानीय निवासियों के फेफड़ों को भारी नुकसान पहुंच रहा है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं।
हादसों का कारण बना धुआं और जहरीला पानी
ज्ञापन में बताया गया कि हाईवे के ठीक पास स्थित खड़कावत फैक्ट्री, रामा उद्योग तथा तुषार उद्योग जैसी बड़ी इकाइयों के कारण उड़ने वाले धुएं से पूरा रास्ता सफेद हो जाता है और कुछ दिखाई नहीं देता। इससे सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और कई लोग जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा, खड़कावत, काली इंडिया व अन्य फैक्टरियों द्वारा रसायनों से युक्त जहरीला पानी बिना ट्रीट किए खुले में छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास के पेड़-पौधे पूरी तरह सूख गए हैं।
मांगें पूरी न होने पर सड़क जाम की चेतावनी
माकपा नेताओं ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को लिखित में यह स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक कितनी फैक्टरियों को नोटिस जारी किए गए और कितनों पर दंडात्मक कार्रवाई हुई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने शीघ्र ही ठोस कार्रवाई नहीं की, तो उग्र आंदोलन, चक्का जाम व सड़क जाम किया जाएगा।

