चूरू, 05 अक्टूबर। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) अभिषेक सुराणा ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव —2026 के संदर्भ में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक निर्वाचन गतिविधियों को लेकर चर्चा की। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को तथा निर्वाचन कार्यों, गतिविधियों, आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों, निर्वाचन कार्यक्रम, आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों, नामांकन प्रक्रिया, मतदान व्यवस्था, अभ्यर्थियों की व्यय सीमा सहित निर्वाचन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी तथा सभी से निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग की अपेक्षा की।
जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने कहा कि जिले के संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का पालना हो। राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि व अभ्यर्थी आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों की अक्षरश: पालना करें तथा निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी राजनीतिक दल निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का पालन करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने में सहयोग करें। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव दो चरणों में आयोजित होंगे। चूरू जिले में निर्वाचन तीसरे एवं चौथे चरण में संपन्न होंगे। तीसरे चरण में बीदासर, राजगढ़, चांदगोठी (मुख्यालय राजगढ़), सिद्धमुख, भानीपुरा, सरदारशहर एवं सरदारशहर पूर्व पंचायत समितियों के निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होंगे। वहीं चौथे चरण में सुजानगढ़, तारानगर पूर्व, तारानगर पश्चिम (भालेरी) मुख्यालय तारानगर, रतनगढ़, चूरू एवं चूरू उत्तर (मुख्यालय चूरू) आदि पंचायत समितियों के निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचन कराया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को नाम निर्देशन से लेकर मतदान एवं मतगणना तक की प्रक्रिया, महत्वपूर्ण प्रपत्रों, चरणवार निर्वाचन गतिविधियों, पोस्टर, पैंफलेट आदि प्रचार सामग्री के लिए प्रावधानों, मतदान दलों की व्यवस्थाओं, मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं, मतदाता सूची तथा नव मतदाता पंजीकरण व नाम हटाने, मतदाता पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र (ईपिक कार्ड) व निर्धारित 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों की जानकारी दी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी (एडीएम) अर्पिता सोनी ने चुनाव कार्यक्रम एवं आदर्श आचार संहिता के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता के प्रभाव में आने के पूर्व स्वीकृत एवं चल रहे विकास कार्य जारी रह सकते हैं, किंतु नई योजनाएं, नए कार्यादेश एवं नए विकास कार्य प्रतिबंधित रहेंगे। लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा तथा रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। प्रत्येक रैली, जुलूस एवं सार्वजनिक सभा के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं वार्ड पंच का निर्वाचन बैलेट पेपर के माध्यम से होगा, जबकि पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों का निर्वाचन ईवीएम के माध्यम से करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान पंचायतीराज (संशोधन) अधिनियम के तहत इस बार चुनाव लड़ने के लिए संतान संबंधी बाध्यता/प्रतिबंध को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम व्यय सीमा में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार जिला परिषद सदस्य के लिए 3 लाख रुपये, पंचायत समिति सदस्य के लिए 1.50 लाख रुपये तथा सरपंच पद के लिए 1 लाख रुपये की अधिकतम व्यय सीमा निर्धारित की गई है।
बैठक में बीजेपी से नारायण बेनीवाल, आईएनसी से असलम खोखर, डॉ राहुल कस्वां, इंद्राज, शिवप्रकाश शर्मा, अजय सहित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि व निर्वाचन कार्मिक उपस्थित रहे।

