राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह परिसर में विशिष्ट लोक अभियोजक कार्यालय का शुभारंभ
- सीजेएम सुनीता बेहड़ा व अतिथियों ने किया उद्घाटन, हरियालो राजस्थान अभियान के तहत लगाए फलदार पौधे


नवरतन भारत पोस्ट :-हनुमानगढ़। शहर के राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह परिसर में सोमवार को विशिष्ट लोक अभियोजक कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) श्रीमती सुनीता बेहड़ा ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संयुक्त निदेशक अभियोजन ओमप्रकाश आर्य, प्रशिक्षु मजिस्ट्रेटस ,किशोर न्याय बोर्ड अध्यक्ष राकेश कुमार, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक प्रेमाराम कस्वां, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जितेंद्र गोयल, सदस्य विजय सिंह चौहान तथा जिले के सभी अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह के दौरान मीनाक्षी भिड़ासरा को विशिष्ट लोक अभियोजक के रूप में बधाई दी गई और उनके नवस्थापित कार्यालय के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। सीजेएम बेहड़ा और किशोर न्याय बोर्ड के अधिकारियों ने कार्यालय भवन का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर नवनियुक्त मजिस्ट्रेटों ने भी परिसर में संचालित व्यवस्थाओं को सराहा।
कार्यक्रम के पश्चात “हरियालो राजस्थान” राज्य स्तरीय अभियान के तहत परिसर में सभी विशिष्ट अतिथियों द्वारा फलदार पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण में आम, अमरूद, नींबू, जामुन जैसे छायादार व फल देने वाले वृक्ष शामिल रहे। पौधों की देखरेख और रख-रखाव की जिम्मेदारी गृह परिसर की ओर से सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि ये पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बच्चों के लिए स्वास्थ्यवर्धक वातावरण उपलब्ध कराने में सहायक होंगे।
सीजेएम सुनीता बेहड़ा ने कहा कि किशोर गृह में अभियोजन कार्यालय की स्थापना से न्यायिक प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ होगी तथा बाल अधिकारों की रक्षा और तेजी से न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को बाल संरक्षण के प्रति सजग रहते हुए संवेदनशीलता से कार्य करने का संदेश भी दिया।
संयुक्त निदेशक ओमप्रकाश आर्य ने कहा कि यह कार्यालय बाल अपराध मामलों में न्यायिक सहयोग की गति को और सशक्त बनाएगा। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक प्रेमाराम कस्वां ने कहा कि किशोर गृह जैसी संस्थाओं में सुधारात्मक वातावरण बनाना आवश्यक है, और इस दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक पौधारोपण व भविष्य में सामाजिक-न्यायिक समन्वय की योजनाओं की रूपरेखा के साथ किया गया।



