स्वास्थ्य

अनूठी पहल: हनुमानगढ़ के सभी जिला स्तरीय अधिकारी बने निक्षय मित्र

जिला कलेक्टर ने शुरुआत की तो 25 से अधिक अधिकारी बनें निक्षय मित्र, पोषण सामग्री वितरित की

हनुमानगढ़, 16 जनवरी। जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर काना राम ने एक महत्वपूर्ण पहल की थी। टीबी के एक मरीज को स्वयं के खर्चे पर पोषण सामग्री देकर जिला कलेक्टर काना राम ‘निक्षय मित्र’ बने थे। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार गुरुवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई के बाद 25 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारियों ने निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को स्वयं के खर्चे पर पोषण सामग्री दी। इसमें एडीएम  उम्मेदी लाल मीना, जिला परिषद सीईओ  ओपी बिश्नोई भी निक्षय मित्र बने।

गौरतलब है कि टीबी मुक्त जिला बनाने का यह अभियान राज्य के 5 जिलों में संचालित किया जा रहा है, जिसमें हनुमानगढ़ का चयन किया गया है। हनुमानगढ़ के अतिरिक्त बारां, कोटा, झालावाड़ और राजसमंद जिलों में अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 100 दिवस तक निक्षय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिला कलेक्टर ने सभी जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी) के तहत निक्षय मित्र बनें और टीबी मरीजों को हर महीने पोषण सामग्री प्रदान करें।

1300 से अधिक टीबी मरीजों को निक्षय मित्रों से मिल रहा पोषण

श्री काना राम के प्रयासों में जिले में इस महीने 400 से अधिक नए निक्षय मित्र जुड़े हैं। इन मित्रों ने टीबी मरीजों को मूंग, दाल, चने, गुड़, सरसों का तेल, गेहूं-चावल जैसी पोषण सामग्री उपलब्ध करवाई है। अभी तक जिले में टीबी के 4092 मरीजों की पहचान की गई, जिनमें से 1300 से अधिक मरीजों को निक्षय मित्रों द्वारा पोषण सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है।

जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए जिला कलेक्टर ने की अपील

जिला कलेक्टर ने जिले को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक प्रयास है और समाज के हर व्यक्ति को इसमें अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने भामाशाहों, निजी शिक्षण संस्थानों, व्यवसायियों तथा दुकानदारों से भी अभियान से जुड़ने की अपील की। श्री काना राम ने कहा, “मैं स्वयं एक टीबी मरीज को पोषण सामग्री प्रदान कर रहा हूं। मैं सभी सक्षम भामाशाहों से अपील करता हूं कि वे भी टीबी के मरीजों को गोद लेकर उनकी सहायता करें।”

सामाजिक समर्थन से जुड़ रहे नए निक्षय मित्र

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि कलेक्टर की इस पहल से जिले में समाज के लोग भी निक्षय मित्र बनने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। भादरा में 36, हनुमानगढ़ में 62, नोहर में 37, पीलीबंगा में 46, रावतसर में 40, संगरिया में 38, और टिब्बी में 37 नए निक्षय मित्र बने हैं। वर्तमान में 1819 मरीज टीबी का इलाज ले रहे हैं और इन्हें नियमित रूप से दवा के साथ पोषण सामग्री भी दी जा रही है।

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन अभियान में दे योगदान

डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि निक्षय मित्र टीबी मरीजों को पोषण सामग्री प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग समय-समय पर इन निक्षय मित्रों का सम्मान भी करता है। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को पोषण सामग्री देना न केवल उनकी शारीरिक स्थिति को बेहतर बनाता है, बल्कि समाज के प्रति हमारी संवेदनशीलता का प्रतीक भी है।

यह अधिकारी बनें निक्षय मित्र

पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता  शीशपाल चौधरी, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक योगेश वर्मा, जोधपुर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता  रजीराम सहारण, डीटीओ  संजीव चौधरी, सीडीईओ  पन्नालाल कड़ेला, उद्योग महाप्रबंधक  आकाशदीप सिद्धू, उद्यान उपनिदेशक डॉ. रमेश चंद्र बराला, जिला आबकारी अधिकारी  संजीव पटावरी, एलडीएम  राजकुमार, कोषाधिकारी कृष्ण कुमार, डीओआईटी संयुक्त निदेशक  योगेंद्र कुमार, एपीआरओ  राजपाल लंबोरिया सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी निक्षय मित्र बने।

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