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सड़क सुरक्षा माह के तहत चिकित्साकर्मियों को बेसिक लाइफ स्पोर्ट एवं ट्राइऐज प्रोटोकाल की दी जानकारी*

जिला कलक्टर कानाराम के निर्देशन में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर हुई चर्चा*

 

हनुमानगढ़। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बुधवार 22 जनवरी को जिला कलक्टर  कानाराम की अध्यक्षता में जिला कलक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, पीएमओ डॉ. शंकर सोनी, आरसीएचओ डॉ. सुनील विद्यार्थी सहित समस्त एनएचएम कार्मिक सहित समस्त बीसीएमओ, बीपीएम एवं सीएचसी-पीएचसी मेडिकल ऑफिसर्स, डॉ. भजनलाल, अनुरोध तिवाड़ी एवं अन्य विभागों के अधिकारी-प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक में समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत बेसिक लाइफ स्पोर्ट एवं ट्राइऐज प्रोटोकाल की दी जानकारी दी गई।

 

जिला कलक्टर  कानाराम ने कहा कि समस्त जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारी तथा मेडिकल ऑफिसर्स सभी फ्लैगशिप योजनाओं के प्रति गंभीर होकर कार्य करें। जिले में इस समय टीबी सौ दिवसीय कैम्पेन, मानस अभियान, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें आने वाले लाभार्थियों को अधिक से अधिक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिले। जिला एवं खण्ड अधिकारियों सहित सभी मेडिकल ऑफिसर्स सेवा भाव से कार्य करें। हमारा प्रयास रहे कि घड़ी देखकर कार्य ना किया जाए। सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं रिर्पोटिंंग समय पर हो। स्वास्थ्य योजनाओं संबंधी पोर्टल पर नियमित विजिट करें और अपने-अपने चिकित्सा संस्थान के आंकड़ों की जांच करें। आप स्वयं चैक कर सकते हैं कि हम किस योजना में पिछड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को एमआर की प्रथम डोज लग चुकी है, उनकी जल्द से जल्द एमआर द्वितीय डोज लगवाई जाए। उन्होंने शाला दर्पण में सर्जरी के लिए रैफर बच्चों की जानकारी ली एवं निर्देश दिए कि बच्चों के इलाज जल्द से जल्द करवाया जाए। उन्होंने कहा कि मानस अभियान के तहत प्रत्येक बीसीएमओ नशा छोड़ चुके मरीजों के घर जाकर मिलें। यदि उसे किसी प्रकार की समस्या आ रही है तो उसका निराकरण किया जा सके। उन्होंने कहा कि फील्ड कार्मिकों को पाबंद करें कि नशे करने वाले ज्यादा से ज्यादा मरीजों को मानस नशामुक्ति शिविर में लाए ताकि उसकी नियमित काउंसलिंग एवं उपचार शुरु किया जा सके। उन्होंने कहा कि फील्ड में अच्छा कार्य करने वाले कार्मिकों के नाम जिला स्तर पर भिजवाएं ताकि 26 जनवरी के कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया जा सके। टीबी सौ दिवसीय कार्यक्रम के बारे में उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर संबंधी आने वाले कमियों को राज्य स्तर पर बात कर दूर किया जाए। टीबी कार्यक्रम में अतिरिक्त कार्मिकों का सहयोग लेकर रिर्पोटिंग पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाएं ताकि टीबी मरीजों को जरूरत के समय पोषण मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी खण्डों की रिपोर्टिंग वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए माह में दो बार की जाए। मां वाउचर योजना के तहत समस्त डॉक्टर्स एवं ऑपरेटर्स ट्रेनिंग दी जाए।

 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा सभी मेडिकल ऑफिसर्स निक्षय मित्र बनें तथा नए टीबी रोगियों को पोषण सामग्री दिलवाने का प्रयास करें। चिकित्सा संस्थान में आने वाले कमियों को चर्चा कर दुरुस्त करें। नए मेडिकल ऑफिसर्स आई-गोट ऐप पर रजिस्ट्रेशन करें तथा उसमें दिए गए कोर्सेज की ट्रेनिंग लें। उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को खण्ड पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय बालिका दिवस पर तैयारी रखें एवं कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करें। खण्ड स्तर पर दान में मिलने वाले उपकरणों की जानकारी जिला स्तर को अवश्य दें ताकि उसकी एंट्री ई-उपकरण पर की जा सकें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थान में आने वाले रोगियों एवं उनके परिजनों की मानस अभियान के तहत नशा मुक्ति की ऑनलाइन शपथ दिलवाई जाए एवं उनकी आभा आईडी बनाई जाएं।

 

जिला अस्पताल के डॉ. भजनलाल ने समस्त मेडिकल ऑफिसर्स को 1 से 31 जनवरी तक आयोजित सड़क सुरक्षा माह के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बेसिक लाइफ स्पोर्ट (बीएलएस) एवं ट्राइऐज प्रोटोकाल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को इलाज ट्राइऐज प्रोटोकॉल के तहत किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले उन मरीजों का उपचार किया जाए, जो अति गंभीर हैं और जिन्हें उपचार की सबसे ज्यादा जरूरत हैं। ऐसे गंभीर घायल व्यक्तियों का गोल्डन ऑवर में उपचार होने पर उनके जल्द ठीक होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। गंभीर घायल व्यक्तियों के उपचार के बाद ही अन्य मरीजों का उपचार किया जाए। इस दौरान उन्होंने घायल की जान बचाने के लिए उपयोग में आने वाले चिकित्सकीय माध्यमों की जानकारी दी।

 

बैठक में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, एमसीएचएन सैशन, आयुष्मान आरोग्य योजना, एनवीबीडीसीपी, पीएम-जेएवाई कार्ड, संस्थागत प्रसव, जेएसवाई भुगतान, टीकाकरण, लाडो योजना भुगतान, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम सहित परिवार कल्याण कार्यक्रमों के बारे में खण्डवार चर्चा की एवं टारगेट से कम रहने वाले संस्थानों को विशेष प्रयास कर टारगेट पूरा करने के निर्देश दिए। डब्ल्यूएचओ से आए अनुरोध तिवाड़ी ने टीकाकरण को लेकर आंकड़े प्रस्तुत किए। जेएसए सुदेश जांगिड़ ने समस्त योजनाओं की प्रगतिवार रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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