स्वतंत्रत कलम पत्रकार एकता फाउंडेशन के माध्यम से संपूर्ण राष्ट्रीय कार्यकाल एवं प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा यह विदित किया गया की पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज को सच्चाई दिखाने का कार्य कर रहे हैं। इस दौरान हम देश की जनता के सामने हर पहलू को लेकर प्रस्तुत होते हैं परंतु अत्यंत दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि वर्तमान समय में पत्रकारों को अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता के कारण लगातार धमकियों उत्पीड़न एवं झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। पत्रकारों पर निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही कि जाने कि मांग
पत्रकारों द्वारा जब भ्रष्टाचारए अवैध गतिविधियों या प्रशासनिक अनियमितताओं को उजागर किया जाता है तब प्रभावशाली लोग बदले की भावना से उन पर फर्जी केस दर्ज करवा देते हैंए जिससे पत्रकारों की स्वतंत्रता पर गंभीर आघात पहुँचता है। तथा पत्रकारों के मूल उद्देश्यों और कर्तव्यों का हनन होता है
यह स्थिति न केवल पत्रकारों के मौलिक अधिकारों का हनन है बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए भी खतरा है। सिर्फ एक एप्लीकेशन के आधार पर किसी को गुनहगार मान लेना कानून के भी खिलाफ है और संविधान के भी कानून के मुताबिक अनुसंधान बनता है और अगर अनुसंधान के दौरान कोई दोषी पाया जाता है इस पर सख्त कार्यवाही उचित होती है सिर्फ एक शिकायत दर्ज होने पर तुरंत किसी इंसान को गुनहगार मानकर बिना अनुसंधान किया गिरफ्तार करना जिस भी प्रकार से संवैधानिक कार्य नहीं है

