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घग्गर नदी के दूषित पानी से भिन्न-भिन्न बीमारियों का प्रकोप,कैंसर तक के रोग फैल रहे हैं क्षेत्र में

ऐलनाबाद, 06 अप्रैल(रमेश भार्गव )सिरसा ज़िले से गुजरने वाली घग्गर नदी का पानी अब इतना दूषित हो चुका है कि ना तो यह पानी पीने योग्य रहा है और न ही नहाने योग्य है जबकि यह पानी फसलों की सिंचाई के योग्य भी नहीं रहा है। यह दूषित पानी कैंसर की बिमारी को निरंतर बढ़ा रहा है। जिसके कारण हर साल कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सिरसा जिले के अधिकांश क्षेत्र में घग्गर नदी के पानी से सिंचाई होती हैं। बरसात के मौसम के अलावा सर्दी के मौसम में भी घग्गर नदी पर बने सिरसा जिले के ओटू हेड से नहरों में पानी छोड़ा जाता है, जो पूरी तरह से कैमीकल युक्त होता है। जिले के किसान अक्सर इस पानी का उपयोग गेहूं की फसल में करते हैं। यह दूषित पानी कई बीमारियों का कारण बन रहा है। पंजाब और हरियाणा में कई फैक्टरियों, औद्योगिक इकाइयों और अधिकांश शहरों का प्रदूषित पानी घग्गर नदी में डाला जा रहा है और उसी पानी का उपयोग किसान फसलों के लिए कर रहे हैं जो मानव जीवन में बीमारियों का एक प्रमुख कारण बन रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा भी लोकसभा में यह खुलासा किया है कि हरियाणा में कैंसर रोगियों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और घग्गर नदी के क्षेत्र में ये आंकड़े और भी गंभीर हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में 2019 में 1486, 2020 में 1536, 2021 में 1580, 2022 में 1630 और 2023 में 1678 कैंसर मरीज हैं, लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक ये आंकड़े बहुत कम हैं। घग्गर नदी के पानी में सीसा, लोहा और एल्युमीनियम की मात्रा निर्धारित मात्रा से कहीं अधिक है। जिसके कारण घग्गर क्षेत्र में कैंसर अधिक फैल रहा है। सिरसा जिले के बुद्धिजीवियों ने सरकार से मांग की है कि इस प्रकोप को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाए जाएं ताकि लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से बच सकें।

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