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अलसुबह होलसेल सब्जी मंडी पहुंचे सीडब्ल्यूसी बेंच मजिस्ट्रेट जितेन्द्र गोयल, किया सघन निरीक्षण

सुबह जब शहर की सड़कें सुनसान थीं और लोग अपने घरों में सो रहे थे, रावतसर की होलसेल सब्जी मंडी में हलचल शुरू हो चुकी थी। रोज़ की तरह गाड़ियों से सब्जियां उतारी जा रही थीं और बोलियां लग रही थीं। लेकिन इस अलसुबह की धुंध में सिर्फ व्यापारी ही नहीं, बल्कि कुछ नन्हे-मुन्ने बच्चे भी मंडी के चक्कर काट रहे थे—जिनके हाथों में चाय-नाश्ते या खिलौनों की जगह पन्नियां और भिक्षावृत्ति के कटोरे थे।
​इसी दौरान मंडी में कदम रखा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के बेंच मजिस्ट्रेट जितेन्द्र गोयल ने। उनके साथ रावतसर पुलिस थाने के ड्यूटी ऑफिसर हेडकांस्टेबल अमरसिंह, अंग्रेज सिंह और पुलिस का जाब्ता मौजूद था। बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पूरी टीम मंडी के सघन निरीक्षण पर निकली थी।
​निरीक्षण के दौरान मजिस्ट्रेट गोयल ने व्यापारियों के पास पहुंचकर उनसे सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा, “हर बच्चे के हाथ में किताब होनी चाहिए, मजदूरी का सामान नहीं।” उन्होंने सभी व्यापारियों को बाल श्रम निषेध कानून की सख्त पालना करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि यदि कोई बच्चा काम मांगते हुए दिखे, तो उसे रोजगार देने के बजाय उसके पुनर्वास में सहयोग करें और तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।
​कार्रवाई केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रही। गोयल ने मंडी में मौजूद बच्चों और उनके अभिभावकों से भी बात की। उन्होंने बेहद संवेदनशील भाव से बच्चों को समझाया कि अलसुबह उठकर भिक्षावृत्ति या मजदूरी करने के बजाय उन्हें स्कूल जाकर पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
​वहीं, अपने निजी स्वार्थों के लिए बच्चों को अलसुबह ही भिक्षावृत्ति के लिए मंडी भेजने वाले परिजनों पर गोयल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सुबह के जिस समय बच्चों को चाय-नाश्ता मिलना चाहिए या खेलने का मौका मिलना चाहिए, उस समय उन्हें मांगकर खाने के लिए भेज देना बेहद दुखद और गैर-कानूनी है।
​मंडी में मिले ऐसे सभी बच्चों के परिजनों की जानकारी दर्ज की गई, जिन्हें सीडब्ल्यूसी की ओर से जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे। जितेन्द्र गोयल ने दोहराया कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और जिले में बाल श्रम व भिक्षावृत्ति के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

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