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सॉफ्ट टॉयज मेकिंग एंड सेलिंग प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत कुलचन्द्र में सॉफ्ट टॉयज मेकिंग एंड सेलिंग विषय पर 14 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक बिधु शंकर ने की। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को सॉफ्ट टॉयज निर्माण की तकनीक के साथ-साथ तैयार उत्पादों की बिक्री एवं स्वरोजगार के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान करना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 25 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 14 दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सॉफ्ट टॉयज तैयार करने की विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी गई। मुख्य प्रशिक्षक मनप्रीत कौर ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान आवश्यक सामग्री के चयन, कपड़े की कटिंग, डिजाइन तैयार करने, सिलाई, भराव सामग्री के उपयोग तथा सॉफ्ट टॉयज को आकर्षक रूप देने की प्रक्रिया से अवगत करवाया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के सॉफ्ट टॉयज तैयार करने का अभ्यास भी करवाया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने स्वयं विभिन्न डिजाइन के खिलौने तैयार किए तथा निर्माण के दौरान आने वाली छोटी-छोटी तकनीकी समस्याओं के समाधान की जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षक द्वारा गुणवत्ता, फिनिशिंग एवं उत्पाद की आकर्षक पैकेजिंग पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम में सॉफ्ट टॉयज मेकिंग के साथ-साथ सेलिंग अर्थात उत्पादों की बिक्री से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं। प्रतिभागियों को बताया गया कि तैयार उत्पाद को बाजार तक कैसे पहुंचाया जा सकता है तथा स्थानीय स्तर पर बिक्री के अवसर किस प्रकार तलाशे जा सकते हैं। इसके अलावा ग्राहकों की पसंद, उत्पाद की कीमत निर्धारित करने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा आकर्षक डिजाइन के माध्यम से बाजार में अपनी पहचान बनाने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान डोमेन एसेसर राजवीर सिंह एवं किरण ने प्रतिभागियों के कार्य का मूल्यांकन किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार किए गए सॉफ्ट टॉयज की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य की समीक्षा की। प्रतिभागियों को बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार करने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए।
मूल्यांकन में सफल रहे सभी प्रशिक्षार्थियों को संस्था के निदेशक बिधु शंकर, अनुदेशक मुकेश भानुशाली, अनिल सिंह राठौड़, कार्यालय सहायक गणेशराम तथा रितिक अरोड़ा ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
अध्यक्षता कर रहे निदेशक बिधु शंकर ने कहा कि इस प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सॉफ्ट टॉयज निर्माण ऐसा कार्य है जिसे प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद छोटे स्तर से शुरू किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
14 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को हुनर विकसित करने के साथ अपने उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने की जानकारी भी मिली, जिससे भविष्य में स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

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