तेरस की है रात माजीसा आज थाने आणो है…
तेरस पर उमड़ी श्रद्धा, रात्रि जागरण में भजनों पर झूमे श्रद्धालु, महाआरती के बाद हुआ भंडारा
मोतियां वाली मां भटियाणीसा… भक्तों रे मनडे विराजो से गूंजा मिनी जसोल धाम
चूरू. शहर के गढ़ परिसर स्थित मिनी जसोल धाम मां भटियाणीसा मंदिर में तेरस पर बुधवार रात एक शाम माजीसा के नाम रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर देर रात तक मां माजीसा के जयकारों और भजनों से गूंजता रहा। मंदिर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जागरण में पहुंचकर मां माजीसा के दरबार में शीश नवाया।
जागरण का शुभारंभ मां माजीसा की ज्योत प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद बीकानेर की हुकमाराम एंड पार्टी के भजन गायक कलाकारों ने गणेश वंदना और गुरु वंदना की प्रस्तुति दी। इसके बाद ‘घट-घट में बिराजो माजीसा’, ‘मायड़ मोतियां वाली’, ‘तेरस री रात माजीसा आज थाने आणो है’, ‘माजीसा भक्तो रे बुलाया वेगा आइजो’ तथा ‘मेहंदी माजीसा रे मन भाय’ जैसे भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भजनों के दौरान श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए भक्ति में लीन नजर आए।
रात्रि जागरण में श्रद्धालु महिलाओं ने भी माजीसा के चरणों में भजनों की प्रस्तुतियां दीं। ‘आवो पधारो म्हारा माजीसा’, ‘माजीसा कठे रे सोया रे सुख भरी नींद में’ और ‘मोरुड़ा जसोल गढ़ में बोल्यो रे’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में झूमते रहे। इस दौरान मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
मंच संचालन भंवर सिंह बीका ने किया। इस अवसर पर समुंद्र सिंह राठौड़, रक्षपाल सिंह राठौर, अलका कंवर, अजय सिंह शेखावत, विजय सिंह शेखावत, लोकेंद्र सिंह शेखावत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
महाआरती में गूंजे मां के जयकारे
गुरुवार को तेरस के अवसर पर सुबह से ही मिनी जसोल धाम में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। ‘मोतियां वाली मां भटियाणीसा, भक्तों रे मनड़े विराजो’ के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंजायमान हो उठा।
इस अवसर पर जसोल माता की महाआरती की गई। माजीसा की परम भक्त प्रेम कंवर बाईसा ने मां भटियाणीसा की ज्योत लेकर श्रद्धालुओं के सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना की। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से मां के जयकारे लगाए और दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे और प्रसाद की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। तेरस के अवसर पर दिनभर मंदिर में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का माहौ
ल बना रहा।

