– किरण जान्दू के नेतृत्व में सिविल लाइन्स में हुआ आयोजन, वक्ताओं ने कहा- किसानों और आमजन की आवाज थे डूडी*
*हनुमानगढ़।* राजस्थान विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष, बीकानेर के पूर्व लोकसभा सांसद एवं किसान नेता स्व. रामेश्वर डूडी की प्रथम पुण्यतिथि पर शनिवार को हनुमानगढ़ जंक्शन की सिविल लाइन्स में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय जाट संसद की महिला प्रदेश संयोजक किरण जान्दू के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने स्व. डूडी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके संघर्षपूर्ण जीवन, राजनीतिक सफर और किसान हितों के लिए किए गए कार्यों को याद किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि रामेश्वर डूडी का राजनीतिक जीवन गांव और किसान की जमीन से जुड़ा रहा। बीकानेर जिले के बिरमसर गांव के किसान परिवार में जन्मे डूडी ने ग्रामीण परिवेश से निकलकर राजस्थान की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने स्थानीय स्तर से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया और आगे चलकर प्रदेश की राजनीति के महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे।
डूडी 1999 में बीकानेर लोकसभा क्षेत्र से 13वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद वे राजस्थान विधानसभा की राजनीति में सक्रिय रहे और 2013 से 2018 के दौरान 14वीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाई।
वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में डूडी ने किसानों, सिंचाई, फसल, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और आमजन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। किसान हितों और ग्रामीण समस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता लगातार बनी रही।
उनके राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि वे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विधानसभा में जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने वाले नेता के रूप में सक्रिय रहे। किसान परिवार से आने के कारण खेती-किसानी की जमीनी समस्याओं से उनका सीधा जुड़ाव रहा।
वक्ताओं ने कहा कि स्व. डूडी की पहचान केवल एक राजनीतिक पद तक सीमित नहीं थी। किसान, गांव और आमजन से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रखना उनके सार्वजनिक जीवन की प्रमुख विशेषता रही। किसानों के कर्ज, फसल, सिंचाई पानी और ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता के कारण उन्हें किसान हितों से जुड़े नेता के रूप में याद किया जाता है।
कार्यक्रम में जिला संरक्षक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती रेशमी देवी सिहाग, नंदिनी जाखड़, कमला कड़वासरा, रेणु खीचड़, आराधना चौधरी, सुमन सिहाग, दुर्गा देवी नेहरा, भगवती गोदारा, सरला सहारण सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
अंत में उपस्थित महिलाओं ने दो मिनट का मौन रखकर स्व. रामेश्वर डूडी को श्रद्धांजलि दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उपस्थितजनों ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर प्रदेश की राजनीति के महत्वपूर्ण पद तक पहुंचे रामेश्वर डूडी का सार्वजनिक जीवन और किसानों से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता लंबे समय तक स्मर
ण की जाएगी।

