-रात्रि गश्त में अवैध शराब की भट्टियां नष्ट करने के बाद वनकर्मियों पर पथराव, वनरक्षक घायल
हनुमानगढ़। वन एवं वन्यजीव सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों की विषम परिस्थितियों में ड्यूटी और उनकी सुरक्षा को लेकर संयुक्त वन कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग की है। संघ की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर/संभागीय आयुक्त के माध्यम से मांग पत्र भेजकर वन कर्मचारियों की समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की गई। वहीं, रात्रि गश्त के दौरान अवैध शराब की भट्टियों को नष्ट करने के बाद वनकर्मियों पर पथराव की घटना ने फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
संघ ने मांग पत्र में अमर शहीद प्रताप सिंह चुडावत को शहीद का दर्जा देने तथा राज्य सरकार की ओर से 3 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। साथ ही उनके आश्रित परिवार को राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत विशेष पारिवारिक पेंशन सहित सभी देय लाभ देने की मांग की गई है। अन्य शहीद वन कर्मचारियों के लिए भी स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति लागू करने की मांग उठाई गई।
वन एवं वन्यजीव सुरक्षा के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक एसओपी जारी करने, सभी संवर्गों की कैडर स्ट्रेंथ का वन क्षेत्रफल, वन्यजीव क्षेत्र, कार्यालयों की संख्या और बढ़े हुए कार्यभार के आधार पर पुनर्गठन करने की मांग की गई। फील्ड कर्मचारियों को यात्रा, फील्ड ड्यूटी, जोखिम एवं अन्य देय सुविधाएं व भत्ते देने तथा पुलिस थानों की तर्ज पर वन रेंजों का वैज्ञानिक आधार पर पुनर्गठन कर आवश्यक पद स्वीकृत करने की मांग भी शामिल है।
इसी बीच रात्रि गश्त के दौरान सीएसपी एसडीबी नहर क्षेत्र में वनकर्मियों ने अवैध शराब की भट्टियों एवं शराब निर्माण के लाहन को नष्ट किया। कार्रवाई में करीब 100 लीटर अवैध शराब और 1000 लीटर लाहन नष्ट किया गया। कार्रवाई पूरी कर वनकर्मी वापस रवाना हो रहे थे, तभी मौके पर मौजूद लोगों ने उन पर पत्थरों से हमला कर दिया। बाइक पर सवार वनरक्षक केवल सिंह के सिर में पत्थर लगने से चोट आई, जबकि वनपाल जीवराज सिंह की निजी गाड़ी को भी पथराव से नुकसान पहुंचा। हालांकि चोट गंभीर नहीं बताई गई।
कार्रवाई के दौरान मौके से एक बाइक तथा शराब बनाने में प्रयुक्त सामान जब्त किया गया। हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना ने रात के समय अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले वनकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
संघ ने वन विभाग की हेल्पलाइन 1926 के लिए जिला एवं रेंज स्तर पर आवश्यक सुविधाएं विकसित करने, कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित बैठक आयोजित करने तथा वेतनमान, ग्रेड पे और वेतन निर्धारण संबंधी विसंगतियां दूर करने की मांग भी रखी है। साथ ही शहीद वन कर्मचारियों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके जन्मस्थान, कार्यक्षेत्र अथवा शहादत स्थल पर किसी वन विभाग की परिसंपत्ति का नामकरण उनके नाम पर करने की मांग की गई।
संघ ने सभी मांगों के समाधान के लिए वित्त, कार्मिक एवं सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक बुलाने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर समयबद्ध सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संयुक्त वन कर्मचारी संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं वन प्रशासन की होगी।

