Flash Story
अलसुबह होलसेल सब्जी मंडी पहुंचे सीडब्ल्यूसी बेंच मजिस्ट्रेट जितेन्द्र गोयल, किया सघन निरीक्षण
भाखड़ा, गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर में पानी की समस्या के समाधान को लेकर चीफ इंजीनियर से मिले जनप्रतिनिधि
महिला सुरक्षा एवं जागरूकता को लेकर एक विशेष पहल
10 अगस्त के ‘जेल भरो आंदोलन’ को सफल बनाने की रणनीति तैयार, गांव-गांव चलेगा जनजागरण अभियान
नोट दोगुने करने का झांसा देकर 30 हजार की ठगी करने वाला संदिग्ध राउंडअप, जंक्शन पुलिस की त्वरित कार्रवाई
नॉर्थ प्वाइंट स्कूल के विद्यार्थियों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
 बी. आदित्य, जिला पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़ द्वारा जिले के होटल, धर्मशाला, सराय, लॉज एवं गेस्ट हाउस संचालकों की बैठक आयोजित, ई-Visitor Portal की अनिवार्यता एवं सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों से कराया अवगत
डिंग में सरपंचों से बोले डीएसपी राजवीर सिंह, नशे के खिलाफ मुहिम में पुलिस का दें साथ ।
321 नशीली गोलियों के साथ युवक दबोचा, मामला दर्ज

स्मार्ट मीटरों के खिलाफ माकपा का विरोध प्रदर्शन तेज

– मक्कासर जीएसएस पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका, बढ़ते बिजली बिलों को बताया लूट

हनुमानगढ़। राजस्थान में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर माकपा (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)) द्वारा विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को माकपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने गांव मक्कासर के ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) के बाहर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटरों को गरीबों और किसानों के खिलाफ सरकार की साजिश बताया।
विरोध सभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार बिना जनता की सहमति और पूर्व सूचना के जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना से निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम उपभोक्ता परेशान हो रहा है। वर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में औसतन 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो स्पष्ट रूप से लूट का एक तरीका है।
गांव के सरपंच बलदेव मक्कासर ने कहा कि ग्रामीणों को धमकाया जा रहा है कि यदि वे स्मार्ट मीटर नहीं लगवाएंगे तो उनके बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे। ग्रामीणों को डराने का काम विद्युत विभाग व निजी कम्पनी के अधिकारी कर रहे है। सरपंच ने उदाहरण देते हुए बताया कि जिन  जिलो में यह स्मार्ट मीटर लग चुके है वहां पहले 2 हजार रुपये का बिजली बिल आता था, अब वहीं बिल 8,000 से 8,500 रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐसे घरों में भी मीटर लगाए गए हैं, जहां एसी तक नहीं है, फिर भी रीडिंग बहुत अधिक आ रही है।
वेद मक्कासर व ओम स्वामी ने सरकार पर सवाल उठाया कि आखिरकार स्मार्ट मीटर सबसे पहले गरीबों और किसानों के घरों में ही क्यों लगाए जा रहे हैं? उन्होंने मांग की कि पहले ये मीटर पूंजीपतियों और बड़े उपभोक्ताओं के घरों में लगाए जाएं। माकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटर हटाए नहीं गए और जबरदस्ती की कार्यवाही बंद नहीं की गई, तो विरोध और उग्र रूप ले सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने अंत में एक सुर में मांग की कि सरकार आम जनता पर अत्याचार बंद करे और जनसहमति के बिना कोई भी मीटर न लगाए। उन्होने कहा कि उक्त संबंध में  आगामी 15 जुलाई को जिला कलेक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस मौके पर बलदेव मक्कासर, रघुवीर वर्मा, सुभाष मक्कासर, ओम स्वामी, पूर्व सरपंच ओम प्रकाश, डॉ. पलविन्द्र सिंह, वेद मक्कासर, संतोख सिंह, वार्डपंच जगदीश , श्योकत स्वामी, बोहड़ सिंह, महावीर सियाग सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

Back To Top