पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन, बार-बार दस्तावेज जांच पर जताया विरोध

-ज्ञापन में मुख्यमंत्री व पंचायती राज मंत्री से आदेश निरस्त करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
हनुमानगढ़। प्रदेश संगठन द्वारा राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशों की पालना में समस्त भाजपा के विधायक एवं विधायक प्रत्याशी से आदेश निरस्त करवाने हेतु अनुशंसा करवाई जानी है। इसी कड़ी में आज पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन की ओर से 2013 कनिष्ठ सहायक सीधी भर्ती में लगे कर्मचारियों की बार-बार दस्तावेज जांच और लंबित मांगों को लेकर जिला स्तर पर विरोध जताया गया। इस संबंध में कर्मचारियों ने भाजपा प्रत्याशी अमित सहू और पूर्व जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप को मुख्यमंत्री और पंचायती राज मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि जांच आदेश तुरंत निरस्त किया जाए तथा कर्मचारियों की अन्य मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

इस दौरान पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन इकाई हनुमानगढ़ के पूर्व अध्यक्ष एवं राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के जिला प्रवक्ता नीपेन शर्मा ने बताया कि दस्तावेज जांच के नाम पर कर्मचारियों को बार-बार लज्जित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैडर रिव्यू, स्पष्ट कार्य विभाजन, दमनात्मक कार्यवाही वापस लेने जैसी मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी ज्ञापन अभियान चलाया जा रहा है। खंड स्तरीय मुख्यालयों पर कर्मचारियों ने नारेबाजी कर विरोध जताया।

जिला अध्यक्ष इंद्रजीत शर्मा ने कहा कि पूर्व में भी दस्तावेजों की जांच की जा चुकी है, लेकिन अब दोबारा जांच के आदेश से लगभग 16,000 मंत्रालयिक कर्मचारियों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल जांच का नहीं बल्कि कर्मचारियों की कार्य क्षमता और आत्मसम्मान पर हमला है। सरकार को चाहिए कि संवेदनशीलता दिखाते हुए इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले।
कनिष्ठ सहायक अजीत झोरड़ ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के कर्मचारी गांवों में सरकार की योजनाओं को धरातल पर लागू करते हैं। ऐसे में बार-बार जांच कर उन्हें मानसिक पीड़ा देना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि सरकार ने शीघ्र पहल नहीं की तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर भवानी स्वामी, बादल सिंह, ममता कुमारी, मधु शर्मा, विनय कुमार, सुरेंद्र कुमार, दीपिका अरोड़ा, पूजा फुटेला,विजयपाल सिंह सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।



