शिक्षा

निजी विद्यालयों में फीस विवाद बढ़ा, प्रबंधन ने जिला कलेक्टर को सौंपा पत्र

– बिना फीस चुकाए जब देने पर निजी स्कूल प्रबंधन ने जताई आपत्ति

  हनुमानगढ़। जिले के निजी विद्यालयों में अभिभावकों द्वारा बिना फीस जमा कराए जब देने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस प्रकरण में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला हनुमानगढ़ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि अभिभावक समय पर फीस जमा नहीं करवाते, जबकि राज्य सरकार द्वारा फीस अधिनियम के तहत प्रत्येक विद्यालय में फीस कमेटी द्वारा कक्षावार शुल्क निर्धारण किया जा चुका है, जो कि PSP पोर्टल पर दर्ज है। संघ जिलाध्यक्ष सुरेशचन्द्र शर्मा ने बताया कि परीक्षा के समय अभिभावकों के आग्रह पर छात्रहित में विद्यार्थियों को परीक्षा दिलाई जाती है, किंतु जब टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) लेने के वक्त फीस जमा करवाने का अनुरोध करने पर अभिभावक प्रबंधन के साथ विवाद खड़ा कर देते हैं। इतना ही नहीं, कई बार मिथ्या शिकायतें शिक्षा विभाग और संपर्क पोर्टल पर दर्ज कराई जाती हैं। विद्यालय संचालकों का कहना है कि 09 अप्रैल 2020 को शिक्षा निदेशक द्वारा आदेश जारी किया गया था कि छात्रों को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। हालांकि आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि टीसी जारी करने से पूर्व फीस संबंधी कार्यवाही अनिवार्य रूप से की जाए। बावजूद इसके, अभिभावक इस प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे और उल्टा विद्यालयों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। संघ के तहसील अध्यक्ष विजय सिंह चौहान ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया है कि जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए और बिना फीस जमा करवाए किसी भी विद्यालय प्रबंधन पर जब देने का दबाव न बनाया जाए। इस मौके पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सुरेश चंद्र शर्मा, जिला संगठन मंत्री राजेश मिढ़ा, जिला महासचिव भारत भूषण कौशिक, जिला महासचिव अशोक सुथार एवं तहसील अध्यक्ष विजय सिंह चौहान उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने कहा कि निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में अभिभावकों और विद्यालयों के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

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