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रावतसर में बाल विवाह रोकथाम को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों व अभिभावकों को दिलाई गई शपथ

रावतसर। समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से बाल अधिकारिता विभाग हनुमानगढ़ व सीडब्ल्यूसी की ओर से रावतसर में एसडी उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक विस्तृत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल अधिकारिता विभाग हनुमानगढ़ के सहायक निदेशक प्रेमाराम एवं बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) बेंच मजिस्ट्रेट जितेंद्र गोयल ने मुख्य रूप से भाग लिया और उपस्थित बच्चों, अभिभावकों व आमजन को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक निदेशक प्रेमाराम ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बनती है। कम उम्र में विवाह होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है, उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और वे मानसिक व सामाजिक रूप से भी कमजोर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर बालिकाओं के लिए बाल विवाह जीवनभर का अभिशाप बन जाता है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर बढ़ने के साथ-साथ कुपोषण और घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं भी जन्म लेती हैं।

उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि कानून के अनुसार बाल विवाह करवाना, इसमें सहयोग करना अथवा इसकी जानकारी होने के बावजूद सूचना नहीं देना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की तैयारी या आयोजन की सूचना मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, सीडब्ल्यूसी , पुलिस या बाल अधिकारिता विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

सीडब्ल्यूसी बेंच मजिस्ट्रेट जितेंद्र गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह की रोकथाम केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और किसी भी दबाव में आकर बाल विवाह स्वीकार नहीं करना चाहिए। साथ ही अभिभावकों से भी उन्होंने आग्रह किया कि वे बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करें।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाल विवाह नहीं करने, न करवाने और इसकी रोकथाम के लिए सदैव सजग रहने की शपथ दिलाई गई। साथ ही उन्हें शिक्षा के महत्व, बाल अधिकारों, लैंगिक समानता और सुरक्षित बचपन के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने यह भी कहा कि जागरूक बच्चे ही समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बन सकते हैं।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एकमत होकर बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और अपने-अपने स्तर पर जागरूकता फैलाने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित बचपन के लिए सामूहिक प्रयास करने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर एसडी विद्यालय प्रधानाचार्य रामप्रताप रिवाड़, व्यवस्थापक आत्माराम जांगिड़,शिक्षक प्रभु राम,मुकेश सिंह,मांगीलाल शर्मा,अविनाश ,ओमप्रकाश, स्वामी,प्रमोद स्वामी,राकेश छिम्पा, प्रमोद वर्मा व अभिभावकगण व बच्चे उपस्थित रहे

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