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पंजाबी समाचार पत्र ‘कलम’ के वरिष्ठ सह-संपादक गुरदेव सिंह सैनी का 70वां जन्मदिन सोमवार को जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में उत्साहपूर्वक मनाया गया।
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महिला सुरक्षा एवं जागरूकता को लेकर एक विशेष पहल
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डिंग में सरपंचों से बोले डीएसपी राजवीर सिंह, नशे के खिलाफ मुहिम में पुलिस का दें साथ ।

साइबर विधि एवं जागरूकता पर लॉ कॉलेज में प्रषिक्षण कार्यक्रम का तृतीय सत्र्

नेहरू मेमोरियल विधि महाविद्यालय, हनुमानगढ़ टाउन में स्थित विधिक सहायता केंद्र के तत्वाधान में साइबर विधि एवं जागरूकता विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज तृतीय सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री वाहेगुरू सिंह, प्रभारी, साइबर सैल, कार्यालय पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़ एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. केंद्र प्रताप, साइबर विशेषज्ञ, सहायक प्रोग्रामर, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, हनुमानगढ़ थे।
आज के कार्यक्रम का मुख्य विषय साइबर अपराध एवं विधिक प्रावधान था। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधिक सेवा केंद्र के प्रभारी डॉ. ब्रजेश अग्रवाल ने की। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि श्री वाहेगुरू सिंह ने साइबर प्रणाली और अपराधों की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में अपराधी तकनीक का सहारा लेकर आर्थिक और मानसिक चोट पहुँचा रहे हैं। यदि किसी के साथ वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो उसे बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करना चाहिए ताकि समय रहते राशि को फ्रीज कराया जा सके।
विशिष्ट अतिथि डॉ. केंद्र प्रताप ने तकनीकी बारीकियों को समझाते हुए कहा कि फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल और अनचाहे ओटीपी साझा करना खतरों को निमंत्रण देना है। डिजिटल हाइजीन अपनाकर हम 90 प्रतिषत साइबर हमलों से बच सकते हैं।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. ब्रजेश अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विधि के विद्यार्थियों के रूप में आपकी जिम्मेदारी दोगुनी है। आपको न केवल स्वयं जागरूक होना है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक साइबर कानूनों और अधिकारों की जानकारी पहुँचानी है।
डॉ. दिनेश खोथ, सहायक आचार्य ने साइबर अपराध एवं विधिक प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आईटी एक्ट, 2000 की विभिन्न धाराओं के बारे में बताते हुए कहा कि डेटा चोरी, पहचान की चोरी और ऑनलाइन मानहानि के विरुद्ध कानून में कड़े दंड के प्रावधान हैं।
सुश्री क्रांति गिला, सहायक आचार्य ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करते समय प्राइवेसी सेटिंग्स का ध्यान रखें और अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें, सतर्कता ही सुरक्षा है।
विधि प्रथम सेमेस्टर की छात्रा कविता डूडी ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण सत्र से हमें यह सीखने को मिला कि साइबर स्पेस में हमारा डिजिटल फुटप्रिंट कितना महत्वपूर्ण है और कैसे एक छोटी सी गलती कानूनी संकट खड़ा कर सकती है।
इसके अलावा, तृतीय सेमेस्टर की छात्रा मौनाली सिंह ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के बारे में बताया।

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