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पुलकित कॉलेज, हनुमानगढ़ में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन

 

हनुमानगढ़। पुलकित कॉलेज फॉर हायर एजुकेशन में “Role of Biotechnology in Agriculture, Chemical, Physical and Environmental Sciences for Sustainable Development (NCB-2025)” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), राजस्थान के सौजन्य से किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, शोधकर्ता और विद्यार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदीलाल मीणा ने उद्घाटन सत्र में कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार ही सतत विकास की कुंजी हैं। उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं को प्रेरित किया कि वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने योगदान को बढ़ाएं।
सम्माननीय अतिथियों में श्री शिवशंकर खड़गावत, डॉ. रमेश चंद्र बराला (उपनिदेशक, बागवानी, हनुमानगढ़), समाजसेवी डॉ. सुमन चावला एवं श्री तरुण विजय उपस्थित रहे। इन गणमान्य व्यक्तियों ने कृषि, पर्यावरण एवं जैव प्रौद्योगिकी में सतत विकास की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
इसके अतिरिक्त, विशेष अतिथियों के रूप में डॉ. संतोष राजपुरोहित, डॉ. विशाल पारीक एवं डॉ. मनोज शर्मा भी सम्मेलन में उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता, जल स्रोतों और जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों पर गहन चर्चा की। वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि जैविक खेती और पर्यावरण-अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाकर इन समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
सम्मेलन के पहले दिन 200 से अधिक प्रतिभागियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए, पैनल चर्चाओं में भाग लिया और विभिन्न तकनीकी सत्रों में अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर प्रमुख व्याख्याता के रूप में प्रो. राजा राम चोयल (डीन, विज्ञान संकाय, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय) एवं प्रो. अनिल कुमार छगानी (प्रोफेसर और प्रमुख, पर्यावरण विज्ञान विभाग, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय) उपस्थित रहे।
इस सफल आयोजन में सम्मेलन समन्वयक एवं प्राचार्य डॉ. चंद्रा गुरनानी, संरक्षक श्री कविश मिड्डा, कॉलेज निदेशक श्री जितेंद्र मिड्डा एवं श्री राजेश मिड्डा, सह-संरक्षक श्री गीतांश मिड्डा, श्री अमानत अली, श्री महेंद्र कुमार एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सम्मेलन के दूसरे दिन और भी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी, जिससे वैज्ञानिक प्रगति और सतत विकास को और अधिक गति मिलेगी। यह राष्ट्रीय सम्मेलन विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

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