Flash Story
माइक थामते ही पत्रकार नहीं बन जाता कोई: फर्जी पत्रकारिता के बढ़ते चलन ने खड़े किए गंभीर सवाल
ट्रांसफॉरमेटिव ट्यूसडे के तहत जिला न्यायक्षेत्र के न्यायिक अधिकारीगण ने विद्यार्थियों से कहा ‘‘नशे को ना कहो, अपने सपनो को हाँ कहो‘‘
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजकीय स्कूल मेहनाखेड़ा की एसएमसी से किया वर्चुअल संवाद
​हरियाणा में सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं, युवाओं के साथ हो रहा खिलवाड़: चौधरी अभय सिंह चौटाला
प्रश्नोतरी प्रतियोगिता में विधि रही प्रथम
विभागीय योजनाओं की समीक्षा, बजट घोषणाओं और आमजन की परिवेदनाओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश
हनुमानगढ़ जंक्शन में 25 लाख की हेरोइन के साथ आरोपी गिरफ्तार
लायन क्लब  सेंटर ने गौशाला में की गौ सेवा
सी एम आर जे राजकीय महाविद्यालय में केच द रैन अभियान चलाया गया

हरियाणा के खिलाड़ियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं: सैलजा* 

ऐलनाबाद,20 मार्च (रमेश भार्गव)लोकसभा में हरियाणा के खेल मैदानों की खराब स्थिति को लेकर केंद्र सरकार द्वारा दिए गए जवाब पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सिरसा की सांसद, पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने कहा है कि केंद्र सरकार का यह रवैया अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है। मीडिया को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का ऐसा प्रदेश है, जिसने ओलंपिक में लगभग 33 प्रतिशत पदक देश को दिलाए हैं, लेकिन विडंबना यह है कि उसी प्रदेश में खेल सुविधाओं के नाम पर केंद्र सरकार पल्ला झाड़ती नजर आ रही है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि खेल मंत्री द्वारा दिया गया उत्तर जिम्मेदारी से बचने वाला है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हरियाणा जैसे खेल प्रतिभाओं से भरपूर राज्य में न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार खेल मैदानों के सुधार के लिए कोई ठोस और कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने रोहतक की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जर्जर खेल मैदानों के कारण खिलाड़ियों की जान तक चली गई, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि खिलाड़ियों के भविष्य और जीवन के साथ खिलवाड़ है।

कुमारी सैलजा ने मांग की कि हरियाणा के सभी खेल मैदानों की तत्काल समीक्षा कर उन्हें दुरुस्त किया जाए तथा खिलाड़ियों को सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि खेल केवल राज्य का विषय बताकर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने लोकसभा में खेल मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो यह देश की खेल प्रतिभाओं के साथ अन्याय होगा।

Back To Top