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ओमप्रकाश पटीर ने पेश की मिसाल: भतीजे की शादी में दहेज प्रथा को कहा अलविदा”

ऐलनाबाद,30 मार्च (रमेश भार्गव )पोहड़का गांव के समाजसेवी ओमप्रकाश पटीर ने अपने भतीजे सुरेंद्र कुमार की शादी को एक मिसाल बनाते हुए समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ मजबूत संदेश दिया। यह शादी रानियां तहसील के गांव केहरवाला में श्री महेंद्र जी बरोड़ की सुपुत्री एकता के साथ दिनांक 28/03/2026 को संपन्न हुई, जो आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

लड़की पक्ष ने अपनी हैसियत से बढ़कर घरेलू सामान, सोने-चांदी के आभूषण और कपड़े सहित पूरा दहेज तैयार किया था। यहां तक कि लड़के के परिवार के लिए भी आभूषण दिए गए थे। लेकिन लड़का पक्ष ने इन सबको ठुकराते हुए एक सराहनीय कदम उठाया।

लड़का पक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके लिए लड़की ही सबसे बड़ा सम्मान और “दहेज” है। उन्होंने थाली में रखे गए सभी सामान में से मात्र ₹1 और नारियल ही स्वीकार किया और बाकी सब कुछ वापस कर दिया।

इस पहल से ओमप्रकाश पटीर और उनके परिवार ने समाज को यह संदेश दिया कि शादी एक पवित्र रिश्ता है, इसे दहेज जैसी कुप्रथा से जोड़ना गलत है। उनकी इस सोच की हर तरफ सराहना हो रही है और लोग इसे एक प्रेरणादायक कदम मान रहे हैं।

यह शादी अब दहेज मुक्त समाज की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण बन चुकी है।

 

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