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ऐलनाबाद, 1 अप्रैल (रमेश भार्गव) पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने आमजन को आधुनिकता के इस युग में साइबर अपराधियों से बचने के लिए विशेष एडवाजरी जारी करते हुए कहा कि साइबर अपराधी वाहन चालकों को ई-चालान की फर्जी बेवसाइट बनाकर लिंक भेज रहे है,इसलिए ऐसे लिंक से सावधान रहने की आवश्यकत है । यदि गलती से आप ने चालन भरने के लिए नकली बेवसाइट पर क्लिक कर दिया तो आप साइबर अपराधियों के चुंगल में फंस जाएगे और ट्रैफिक ई-चालान को निपटाने की बजाय साइबर अपराधियों को भुगतान करना पड़ सकता है,इस प्रकार आप साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हो । पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आजकल साइबर अपराधी फर्जी ट्रैफिक ई-चालान के माध्यम से लोंगो को चूना लगा रहे है । उन्होने बताया कि साइबर अपराधी धोखाधड़ी वाले लिंक या संदेश को कुछ इस तरह लिखा होता है, जैसे “आपका चालान नंबर, वाहन की पंजीकृत संख्या,चालान राशि जैसे 500 रुपये है । उन्होंने बताया कि साइबर ठगों द्वारा ठगी करने के लिए फर्जी वेबसाइट-https://echallanparivahan.in/ का इस्तेमाल किया जा रहा है,जबकि ट्रैफिक ई-चालान के लिए अधिकारिक बेवसाईट https://echallan.parivahan.gov.in/ है,जिस पर जाकर आप अपना चालान भुगतान कर सकते हो । उन्होंने बताया कि साइबर फ्रॉड करने वाले आपका विश्वास जीतने के लिए, धोखाधड़ी वाले संदेश को इस तरह से तैयार करते है,जैसे ये वास्तविक हो । पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी प्रकार की वित्तीय या ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवाएं । इसके अलावा अपनी शिकायत साइबर क्राइम थाना या आपके संबंधित थाने में स्थापित साइबर हेल्पडेस्क पर दें सकते है । पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इंटरनेट का इस्तेमाल आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही करें,अन्यथा आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हो । पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। नागरिकों को चाहिए कि वे सजग रहें और दूसरों को भी इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए जागरूक करें।

साइबर अपराधी इस तरह से बनाते हैं निशाना

1 लोगों को फर्जी मैसेज भेजकर डराया जाता है, जिसमें लोगों को चालान नहीं भरने की वजह से गाड़ी सीज करने की बात कही जाती है। लोग डरकर बिना किसी वेरिफिकेशन के हैकर्स की जाल में फंस जाते हैं ।

2 हैकर्स मैसेज या ई-मेल के जरिए लोगों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं। इस लिंक पर क्लिक करने पर सरकारी वेबसाइट से मिलती-जुलती वेबसाइट ओपन होती है । इस वजह से लोग आसानी से हैकर्स की जाल में फंस जाते हैं,और साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो जाते है ।

3 कई बार मैसेज में लोगों को फर्जी फोन नंबर भेजा जाता है, जिस पर कॉल करने से हैकर्स को कॉल कनेक्ट होता है। हैकर्स सोशल इंजीनियरिंग का सहारा लेकर लोगों को अपनी जाल में फंसा लेते हैं और उनके साथ ठगी करते हैं।

साइबर अपराधियों से बचने के उपाय

1 स्कैमर्स की जाल में खुद को फंसने से बचाने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। आप मैसेज या ई-मेल में आए किसी भी लिंक को क्लिक न करें। बिना वेरिफिकेशन के आप कोई भी जानकारी शेयर न करें।

2 मैसेज या मेल भेजने वाले शख्स को वेरिफाई किए बिना आप मैसेज और ई-मेल को इग्नोर करें। अगर, आपने गलती से कोई लिंक ओपन भी कर दिया है तो दी गई वेबसाइट को सबसे पहले वेरिफाई कर लें।

3 इस तरह के ई-चालान या कोई भी सरकारी नोटिस किसी आधिकारिक ई-मेल से आते हैं। ऐसे में भेजने वाले का ई-मेल और सेंडर का नंबर पहले वेरिफाई करें। अपनी निजी जानकारियां, बैंक डिटेल्स आदि कभी भी, किसी के साथ शेयर न करें ।

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