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समर्थन मूल्य में हेराफेरी का खुलासा: फर्जी गिरदावरी से गेहूं बेचने वाली फर्म पर कार्रवाई

दोषी फर्म पर 1.11 लाख रुपये का जुर्माना और लाइसेंस 14 दिन के लिए निलंबित

हनुमानगढ़, 22 अप्रैल। भादरा कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य का अनुचित लाभ उठाने के प्रयास के मामले में बुधवार को कड़ी कार्रवाई की गई है। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए हरियाणा से अवैध रूप से गेहूं मंगाकर बेचने की कोशिश करने वाली फर्म ‘जमींदारा कमीशन शॉप’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए फर्म पर 1 लाख 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही, पीक सीजन में अनुचित लाभ रोकने के लिए फर्म का लाइसेंस 23 अप्रैल से 6 मई 2026 तक कुल 14 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। मंडी सचिव श्री सी.एल. वर्मा ने बताया कि प्रकरण प्रशासक एवं उपखंड अधिकारी के समक्ष रखा गया, जहां सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया गया।

कार्रवाई के दौरान उपनिदेशक, कृषि विपणन श्री विष्णुदत्त शर्मा, मंडी सचिव गोलूवाला श्री मनोज कुमार एवं रसद विभाग के प्रवर्तन अधिकारी श्री बाबूलाल जानू की टीम ने फर्म का रिकॉर्ड खंगाला। जांच में सामने आया कि कृषक श्री गुलजारी एवं श्री कपिल के खेतों की गिरदावरी के आधार पर मंडी में गेहूं लाना बताया गया, उनके खेतों में फसल खड़ी थी। इसके बावजूद फर्म द्वारा रिकॉर्ड में गेहूं की आवक दर्शाकर समर्थन मूल्य का लाभ लेने का प्रयास किया गया।

टीम ने मौके पर खुले में पड़े गेहूं को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरवाकर धर्मकांटे पर तौल करवाया। करीब 20 घंटे चली इस प्रक्रिया में फर्म के पास 2067 क्विंटल गेहूं ही मिला, जबकि रिकॉर्ड में 3146 क्विंटल दर्शाया गया था। यानी 1078 क्विंटल का अंतर सामने आया, जिससे स्पष्ट हुआ कि गिरदावरी में हेराफेरी कर बाहरी गेहूं लाकर बेचान किया जा रहा था। मंडी समिति ने नाफेड के गुणवत्ता निरीक्षकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे इस तरह के मामलों पर सख्त निगरानी रखें, ताकि समर्थन मूल्य व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता न हो सके।

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