पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश
हनुमानगढ़, 23 मई।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक सरोकार एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी संस्था श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में सद्भावना दिवस के अवसर पर छात्र कल्याण क्लब “स्पंदन” के अंतर्गत संचालित सद्भाव क्लब एवं वसुधा क्लब के संयुक्त तत्वावधान में परिंडे बांधने एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना रहा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच पक्षियों के लिए 100 से अधिक परिंडे लगाए गए तथा व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में सद्भाव क्लब एवं वसुधा क्लब के पंजीकृत सदस्यों, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों तथा विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम की विशेष पहल के तहत प्रत्येक स्वयंसेवक द्वारा अपनी इच्छा अनुसार एक परिंडा अपने नाम से स्थापित कर उसे “गोद” लिया गया। स्वयंसेवक अब इन परिंडों की नियमित देखभाल, पानी भरने एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएंगे। इस अभिनव पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पशु-पक्षियों एवं जीव-जंतुओं के प्रति दायित्वबोध एवं संवेदनशीलता विकसित करना है।
इस अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि मानव अस्तित्व की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान और जल संकट के दौर में पक्षियों एवं जीव-जंतुओं के लिए परिंडे लगाना अत्यंत पुण्य एवं मानवीय कार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सेवा भावना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं। विश्वविद्यालय भविष्य में भी इसी प्रकार के जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. विक्रम सिंह औलख, डॉ. सत्यनारायण नाई, सुरेन्द्र अरोड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, शिक्षाविद् एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे तथा स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्वयंसेवकों को विश्वविद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
सद्भाव क्लब के समन्वयक डॉ. सत्यनारायण नाई एवं सह-समन्वयक मदन लाल शर्मा ने बताया कि सद्भावना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण कराने वाला जन-जागरूकता अभियान है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास पर्यावरण संरक्षण की छोटी-छोटी जिम्मेदारियों को निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण प्रदान किया जा सकता है।
वहीं वसुधा क्लब के समन्वयक बृजप्रकाश भादू ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण मानव जीवन के समक्ष अनेक चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। इन खतरों को कम करने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भावना एवं मानवीय संवेदनाओं का सकारात्मक संदेश प्रसारित किया। यह आयोजन विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम, सेवा भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने की दिशा में विश्वविद्यालय का एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी प्रयास माना जा रहा है
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक सरोकार एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी संस्था श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में सद्भावना दिवस के अवसर पर छात्र कल्याण क्लब “स्पंदन” के अंतर्गत संचालित सद्भाव क्लब एवं वसुधा क्लब के संयुक्त तत्वावधान में परिंडे बांधने एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना रहा।इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच पक्षियों के लिए 100 से अधिक परिंडे लगाए गए तथा व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में सद्भाव क्लब एवं वसुधा क्लब के पंजीकृत सदस्यों, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों तथा विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम की विशेष पहल के तहत प्रत्येक स्वयंसेवक द्वारा अपनी इच्छा अनुसार एक परिंडा अपने नाम से स्थापित कर उसे “गोद” लिया गया। स्वयंसेवक अब इन परिंडों की नियमित देखभाल, पानी भरने एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएंगे। इस अभिनव पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पशु-पक्षियों एवं जीव-जंतुओं के प्रति दायित्वबोध एवं संवेदनशीलता विकसित करना है।
इस अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि मानव अस्तित्व की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान और जल संकट के दौर में पक्षियों एवं जीव-जंतुओं के लिए परिंडे लगाना अत्यंत पुण्य एवं मानवीय कार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सेवा भावना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं। विश्वविद्यालय भविष्य में भी इसी प्रकार के जन-जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. विक्रम सिंह औलख, डॉ. सत्यनारायण नाई, सुरेन्द्र अरोड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, शिक्षाविद् एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे तथा स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्वयंसेवकों को विश्वविद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
सद्भाव क्लब के समन्वयक डॉ. सत्यनारायण नाई एवं सह-समन्वयक मदन लाल शर्मा ने बताया कि सद्भावना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण कराने वाला जन-जागरूकता अभियान है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास पर्यावरण संरक्षण की छोटी-छोटी जिम्मेदारियों को निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण प्रदान किया जा सकता है।
वहीं वसुधा क्लब के समन्वयक बृजप्रकाश भादू ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण मानव जीवन के समक्ष अनेक चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। इन खतरों को कम करने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भावना एवं मानवीय संवेदनाओं का सकारात्मक संदेश प्रसारित किया। यह आयोजन विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम, सेवा भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने की दिशा में विश्वविद्यालय का एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी प्रयास माना जा रहा है

