➡️हनुमानगढ़। सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने तथा मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने राज्यभर में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया है। जिला परिवहन अधिकारी श्री नरेश पुनिया ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन संचालित हो रहे हैं, जिनमें वाहन संरचना में अनधिकृत परिवर्तन, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न, एयर हॉर्न, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, हूटर तथा विभिन्न प्रकार के अनधिकृत शब्द, चिन्ह एवं स्टीकर लगाए जा रहे हैं, जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
➡️जिला परिवहन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि वाहन की बॉडी, चेसिस, रंग, बैठक क्षमता, वजन अथवा अन्य तकनीकी विशिष्टताओं में निर्माता द्वारा स्वीकृत मानकों के विपरीत किया गया कोई भी परिवर्तन अवैध माना जाएगा। इसके अतिरिक्त वाहनों पर लाल बत्ती, नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट, बीकन लाइट अथवा हूटर का उपयोग केवल अधिकृत श्रेणी के वाहनों को ही मान्य है। नियमों के विपरीत ऐसे उपकरण पाए जाने पर उन्हें तत्काल हटाते हुए संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध चालानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।
➡️परिवहन विभाग ने प्रेशर हॉर्न एवं एयर हॉर्न के उपयोग को भी गंभीर उल्लंघन बताया है। ऐसे मामलों में न केवल चालान किया जा रहा है बल्कि आवश्यकतानुसार चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को अयोग्य घोषित (Disqualify) करने की कार्रवाई भी की जाएगी। इसी प्रकार वाहन के शीशों पर निर्धारित मानकों से अधिक काली फिल्म या अन्य अपारदर्शी सामग्री लगाए जाने पर मौके पर ही उसे हटवाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
➡️विभाग ने वाहन स्वामियों को चेतावनी दी है कि वाहनों पर नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, अपठनीय अथवा फर्जी नंबर प्लेट, नंबर प्लेट पर स्टीकर, मोनोग्राम या अन्य चिन्ह प्रदर्शित करना भी कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में वाहन जब्त करने, पंजीयन निलंबित करने तथा ड्राइविंग लाइसेंस के विरुद्ध कार्रवाई तक की जा सकती है। इसके साथ ही वाहनों की बॉडी पर अनधिकृत शब्द, पदनाम, चिन्ह, मोनोग्राम अथवा अन्य लेखन प्रदर्शित करने पर भी नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
➡️विभाग ने समस्त वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में मौजूद सभी प्रकार की अनियमितताओं को स्वेच्छा से दूर कर लें। जिलेभर में विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत उल्लंघन पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के प्रावधानों के तहत चालान, वाहन जब्ती तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

