
हनुमानगढ़। आमजन को आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर तथा भारत विकास परिषद के तत्वावधान में 21 जून रविवार को दुर्गा मंदिर धर्मशाला, हनुमानगढ़ जंक्शन में भव्य निःशुल्क आयुर्वेद-नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें अनुभवी आयुर्वेदाचार्य एवं प्राकृतिक चिकित्सक विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श प्रदान करेंगे।
शिविर में आमजन के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ आयुर्वेद चिकित्सकों से परामर्श तथा आहार एवं जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान किडनी, लीवर, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड, मोटापा, जोड़ों एवं घुटनों का दर्द, रीढ़ संबंधी समस्याएं, स्लिप डिस्क (L4–L5), नसों के रोग, अस्थमा, अनिद्रा, मिर्गी सहित अन्य दीर्घकालिक बीमारियों के लिए आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी पद्धति से उपचार एवं परामर्श दिया जाएगा।
रोगियों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उचित आहार-विहार, दिनचर्या एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए जाएंगे, ताकि वे लंबे समय तक स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जी सकें।
वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के कारण लोग अनेक बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में यह शिविर आमजन के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां बिना किसी शुल्क के अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सकों से जांच, परामर्श एवं उपचार प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं एवं युवाओं से शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य जांच करवाने का आग्रह किया।
भारत विकास परिषद के अध्यक्ष महेश जसूजा ने बताया कि इस प्रकार के शिविरों का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है, जो प्राकृतिक तत्वों पर आधारित होने के कारण शरीर को बिना दुष्प्रभाव के स्वस्थ रखने में सहायक है। ऐसे शिविर न केवल रोगों के उपचार में उपयोगी सिद्ध होते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और आयुर्वेद के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य भी करते हैं।
शिविर प्रभारी अनिल जांदू ने सभी नागरिकों से अपने परिवारजनों, मित्रों एवं परिचितों के साथ शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह शिविर क्षेत्रवासियों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक सराहनीय एवं महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

