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मिशन बुनियाद : ईंट-भट्टा मजदूरों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं, श्रमिक परिवारों को मिला लाभ

– चिकित्सा विभाग की टीमों ने खण्ड स्तर पर ईंट-भट्टों का किया दौरा, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण एवं नशामुक्ति सेवाएं पहुंचाई

– प्रवासी मजदूरों, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण पर विशेष फोकस

हनुमानगढ़। जिले में संचालित 400 से अधिक ईंट-भट्टों पर कार्यरत प्रवासी श्रमिक परिवारों के स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘मिशन बुनियादÓ के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक अभियान चलाया। अभियान के अंतर्गत जिले के सभी खण्डों में चिकित्सा विभाग की टीमों ने ईंट-भट्टों पर पहुंचकर श्रमिक परिवारों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाईं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिले के ईंट-भट्टों पर कार्यरत अधिकांश प्रवासी श्रमिक परिवार सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित हैं। इनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, कुपोषण, नशे की प्रवृत्ति, कम साक्षरता दर तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियां प्रमुख रूप से देखने को मिलती हैं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मिशन बुनियाद के माध्यम से विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से इन परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा विभाग की टीमों द्वारा ईंट-भट्टों पर आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में श्रमिकों एवं उनके परिवारों की सामान्य स्वास्थ्य जांच की गई। गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का वितरण, एनीमिया जांच तथा आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही बच्चों के नियमित टीकाकरण की स्थिति का सत्यापन कर छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया गया।

डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पांच वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान की गई तथा उन्हें आवश्यक पोषण सेवाओं एवं उपचार से जोड़ा गया। मौसमी बीमारियों, संक्रामक रोगों, दस्त नियंत्रण, स्वच्छता एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग संबंधी जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं। मिशन बुनियाद के अंतर्गत नशामुक्ति को विशेष प्राथमिकता देते हुए श्रमिकों को तंबाकू, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। ‘मानस अभियानÓ के तहत मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति सेवाओं की जानकारी देते हुए जरूरतमंद व्यक्तियों को उपचार एवं परामर्श सेवाओं से जोड़ा गया।

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने बताया कि चिकित्सा विभाग द्वारा आशा, एएनएम, सीएचओ एवं अन्य स्वास्थ्य कार्मिकों के माध्यम से ईंट-भट्टों पर नियमित स्वास्थ्य निगरानी की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, ताकि प्रवासी श्रमिक परिवारों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव, नवजात शिशुओं की देखभाल तथा परिवार कल्याण सेवाओं को भी प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन बुनियाद केवल एक योजना नहीं, बल्कि समाज के सबसे वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोडऩे का एक व्यापक प्रयास है। जिला प्रशासन, चिकित्सा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा बैंकिंग संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से ईंट-भट्टा श्रमिक परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय सशक्तिकरण की सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी ईंट-भट्टा श्रमिक परिवार स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा अथवा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे तथा उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन के लिए आवश्यक सभी सरकारी सेवाओं से जोड़ा जा सके।

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