हनुमानगढ़। जंक्शन के वार्ड संख्या 58 के निवासियों ने पट्टे जारी नहीं होने से नाराज होकर सोमवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में आयोजित शहरी सेवा शिविर में जमकर हंगामा किया। वार्डवासियों ने शिविर का बहिष्कार करते हुए नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए शिविर का कामकाज प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से वार्ड को डिनोटिफाइड कर शीघ्र पट्टे जारी करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि नगर परिषद क्षेत्र के अन्य वार्डों में पट्टे जारी किए जा चुके हैं, लेकिन केवल वार्ड 58 के लोगों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है। नाराज लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर उनके वार्ड के साथ ही भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्या उनका वार्ड ‘पाकिस्तान में आता है, जो आज तक यहां के लोगों को उनके अधिकार नहीं मिल सके। पूर्व पार्षद रमजान खान ने कहा कि वार्ड संख्या 58 को आज तक डिनोटिफाइड नहीं किया गया है, जबकि क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड से संबंधित फाइल लंबे समय से डीएलबी के पास लंबित है तथा दो बार सर्वे भी कराया जा चुका है। पहले सर्वे के दौरान क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, लेकिन दूसरे सर्वे के समय सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं। इसके बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान तैयार करते समय राजनीतिक रंजिश के चलते वार्ड 58 को नुकसान पहुंचाया गया। यदि किसी से राजनीतिक मतभेद हैं तो उसका खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने कहा कि वार्डवासी वर्षांे से पट्टों के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वार्डवासियों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर वार्ड 58 को डिनोटिफाइड कर पट्टे जारी करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो वे जिला कलक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल शुरू करेंगे। वहीं, नगर परिषद के पूर्व सभापति सुमित रणवां ने कहा कि वार्ड 58 के पट्टे बनाने के लिए नगर परिषद प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान बनाते समय कुछ तकनीकी खामियां रह गई थीं, जिसके कारण इस वार्ड को स्पेशल जोन में शामिल कर दिया गया। इसी वजह से पट्टे जारी नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विधायक गणेश राज बंसल भी इस मामले को लेकर गंभीर हैं और इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठा चुके हैं। राज्य सरकार को पहले भी इस संबंध में अवगत कराया गया था और अब पुन: सरकार से मांग की जाएगी कि वार्ड 58 को स्पेशल जोन से बाहर कर डिनोटिफाइड किया जाए, ताकि वार्डवासियों को पट्टे जारी कर राहत प्रदान की जा सके।

