सोनम वांगचुक के समर्थन में कोहला गांव में निकली मौन रैली*
*- छात्रों और ग्रामीणों ने शिक्षा में पारदर्शिता व विद्यार्थियों के अधिकारों के समर्थन में उठाई आवाज*
हनुमानगढ़। शिक्षा में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के अधिकारों के समर्थन में रविवार शाम को गांव कोहला में “स्टूडेंट्स के लिए, स्टूडेंट्स के द्वारा” अभियान के तहत सोनम वांगचुक के समर्थन में मौन रैली का आयोजन किया गया। स्कूल ग्राउंड से शाम 6 बजे शुरू हुई इस रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, युवाओं और ग्रामीणों ने भाग लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना समर्थन व्यक्त किया।
रैली का आयोजन एग्जाम साथी कोहला की ओर से किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा तथा निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी मौन रहकर हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लिए हुए नजर आए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात समाज एवं सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।
संघ सदस्य अंकुश सहारण ने बताया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर समाज को जागरूक करना और विद्यार्थियों के हितों के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना है। उनका कहना था कि हर विद्यार्थी को बिना किसी परेशानी के बेहतर परीक्षा अनुभव मिलना चाहिए और इसके लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आकर सहयोग करना चाहिए।
एग्जाम साथी कोहला के सदस्यों ने बताया कि उनका संकल्प केवल परीक्षा के समय विद्यार्थियों की सहायता करना ही नहीं, बल्कि उन्हें हर संभव सहयोग उपलब्ध कराना भी है। संस्था वर्षों से परीक्षार्थियों के लिए निःस्वार्थ भाव से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराती आ रही है। इनमें निःशुल्क भोजन, ठहरने की व्यवस्था, मेडिकल सहायता, प्रवेश पत्र प्रिंट सुविधा, बैग एवं मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था, परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की सुविधा, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सहयोग शामिल हैं।
आयोजकों ने कहा कि उनकी पहचान निःस्वार्थ सेवा, ईमानदारी और विद्यार्थियों के विश्वास से बनी है। “आपका विश्वास हमारी ताकत और आपकी सफलता हमारा उद्देश्य” के संदेश के साथ संस्था लगातार विद्यार्थियों के हित में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक छात्र का अधिकार है और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना समाज का सामूहिक दायित्व है।
मौन रैली के समापन पर उपस्थित विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षाओं और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया। इस मौके पर सुरेंद्र छिंपा, साहिल शर्मा, मनीष सहारण, प्रहलाद सुथार, अग्रसेन, मोनू स्वामी, सुरेंद्रनाथ, राजेंद्र, मोहित सहारण, विजय गोदारा, विनोद, कैलाश, परवीन सहारण सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

