ऐलनाबाद, 19 जुलाई( रमेश भार्गव )राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मिठनपुरा में आज बाल कल्याण समिति सिरसा द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूक करना और डिजिटल युग में सोशल मीडिया के सही एवं सुरक्षित प्रयोग के बारे में शिक्षित करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल कल्याण समिति, सिरसा के चेयरमैन डॉ. मदन लाल ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मदन लाल ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के विभिन्न प्रावधानों को सरल भाषा में समझाते हुए बच्चों को सचेत किया कि वे ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के अंतर को समझें। कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति उनके साथ अनुचित व्यवहार करता है, तो बिना डरे तुरंत इसकी सूचना अपने शिक्षकों, अभिभावकों या चाइल्डलाइन नंबर 1098 पर दें।
विशेष रूप से वर्तमान समय की चुनौतियों को देखते हुए, बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर गहरा प्रकाश डाला। समिति के सदस्य अनिल ने बच्चों को चेताया कि सोशल मीडिया का गलत प्रयोग उनके भविष्य के लिए घातक हो सकता है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अनजाने में शेयर की गई जानकारी या फोटो का दुरुपयोग साइबर अपराधी कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, अपनी निजी जानकारी साझा न करें। और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री से दूर रहें।
कार्यक्रम में ‘बालिका मंच’ की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। छात्राओं ने न केवल अपने अधिकारों के बारे में सवाल पूछे, बल्कि सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर शपथ भी ली। विद्यालय के प्राचार्य इंचार्ज श्री जालंधर सिंह ने बाल कल्याण समिति की टीम का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता हैं। प्रहलाद सिंह और विद्यालय के समस्त स्टाफ ने भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षा के प्रति अपना समर्पण व्यक्त किया।
*निष्कर्ष*
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने बच्चों को न केवल पॉक्सो एक्ट और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें डिजिटल युग में सावधानी बरतने का एक नया दृष्टिकोण भी प्रदान किया। यह जागरूकता अभियान निश्चित रूप से विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि जागरूक और सुरक्षित विद्यार्थी ही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

