विधायक विनोद गोठवाल व जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*
हनुमानगढ़। पीलीबंगा तहसील के ग्राम 10 एमओडी में प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट (कूड़ा-कचरा) प्लांट की स्थापना के विरोध में ग्रामीणों ने गुरुवार को विधायक विनोद गोठवाल एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित योजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि आबादी के बीच कूड़ा-कचरा प्लांट स्थापित किया गया तो इससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ेंगे।
ग्रामीणों की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि प्रस्तावित स्थल के आसपास घनी आबादी निवास करती है। ऐसे में वहां सॉलिड वेस्ट प्लांट स्थापित होने से दुर्गंध, वायु एवं जल प्रदूषण, मक्खी-मच्छरों का प्रकोप तथा संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि इसका सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं सहित पूरे क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
ग्रामीण बलविंदर सिंह एवं लक्ष्मण सिंह ने बताया कि प्रस्तावित प्लांट के आसपास विद्यालय, धार्मिक स्थल, कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्र स्थित हैं। यदि यहां कूड़ा-कचरा प्लांट लगाया गया तो क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित होगा और लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण किसी भी स्थिति में आबादी के बीच इस प्लांट की स्थापना स्वीकार नहीं करेंगे।
इस अवसर पर विधायक विनोद गोठवाल ने कहा कि जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े मामलों में सरकार को स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में विकास कार्य किया जाना है तो उसके लिए ऐसा स्थान चुना जाना चाहिए, जहां आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि ग्राम 10 एमओडी के लोग लंबे समय से इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं और उनकी मांग पूरी तरह जनहित में है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि ग्रामीणों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रस्तावित सॉलिड वेस्ट प्लांट को निरस्त किया जाए तथा आवश्यकता होने पर इसके लिए घनी आबादी से दूर उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रवासियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम 10 एमओडी में प्रस्तावित कूड़ा-कचरा प्लांट की स्थापना का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य
होंगे।

