10 करोड़ नशा मुक्ति महाअभियान को मिला जनसमर्थन

-सरस्वती कन्या विद्यालय और हाउसिंग बोर्ड स्थित राजकीय अस्पताल में दिलाई नशामुक्ति की शपथ, स्वस्थ समाज निर्माण का दिया संदेश
हनुमानगढ़।
 प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा ब्रह्माकुमारी पाठशाला,हाउसिंग बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे अभियान 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तहत गुरुवार को शहर में दो स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरस्वती कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा हाउसिंग बोर्ड स्थित राजकीय अस्पताल में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं, चिकित्साकर्मियों, मरीजों एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया और सभी को नशामुक्त जीवन अपनाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
सरस्वती कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत ब्रह्माकुमारीज की बहन पिंकी ने की। उन्होंने छात्राओं को मानसिक तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और स्मरण शक्ति विकसित करने के लिए ब्रेन जिम की विभिन्न गतिविधियां करवाईं। उन्होंने बताया कि सकारात्मक सोच, नियमित ध्यान और मानसिक व्यायाम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक इन गतिविधियों में भाग लिया।
इसके बाद बहन खुशबू ने छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित करता है। यदि युवा वर्ग आज नशे से दूर रहने का संकल्प ले ले, तो समाज में अनेक सामाजिक बुराइयों पर स्वतः अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने सभी छात्राओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। इस अवसर पर छात्राओं ने सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
विद्यालय की प्राचार्य प्रेरणा रस्तोगी ने ब्रह्माकुमारीज की टीम का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी आवश्यक है।
इसी क्रम में हाउसिंग बोर्ड स्थित राजकीय अस्पताल में भी नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां ब्रह्माकुमारीज की बहनों ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों, मरीजों एवं उनके परिजनों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा अनेक गंभीर बीमारियों का कारण बनता है और परिवारों को आर्थिक एवं मानसिक रूप से कमजोर करता है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने नशा न करने तथा दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने की शपथ ली।
ब्रह्माकुमारीज की ओर से बताया गया कि 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर नशे के खिलाफ जनजागरण करना और स्वस्थ, संस्कारित एवं व्यसनमुक्त भारत के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। दोनों कार्यक्रमों में प्रतिभागियों ने अभियान की सराहना करते हुए इसे समाजहित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। आयोजन सकारात्मक ऊर्जा, जनजागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ संपन्न हुआ।

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