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मक्कासर के आंगनबाड़ी केंद्र से हुआ 9वें पोषण माह का शुभारंभ

– महिलाओं ने बनाई पोषण रंगोली, रैली निकालकर दिया संतुलित आहार का संदेश
हनुमानगढ़। 9वें पोषण माह का शुभारंभ मक्कासर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से किया गया। कार्यक्रम में गांव की महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में महिलाओं ने पोषण संबंधी रंगोली बनाकर लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार का संदेश दिया। रंगोली के माध्यम से आहार में विभिन्न पोषक तत्वों को शामिल करने तथा बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए जागरूक किया गया। इसके बाद गांव में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित संदेशों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं को पोषण के महत्व की जानकारी देते हुए कमलजीत कौर ने आहार विविधता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों को शामिल करना आवश्यक है। केवल पेट भरने के लिए भोजन करने के बजाय ऐसा आहार लेना चाहिए, जिसमें शरीर की जरूरत के अनुसार प्रोटीन, विटामिन, खनिज एवं अन्य पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद हों।
उन्होंने महिलाओं को प्रोटीन युक्त संतुलित आहार के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दालें, चना, राजमा, दूध, दही, पनीर, अंडा तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को नियमित भोजन में शामिल किया जा सकता है। बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए उनके भोजन में पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा होना जरूरी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री से पौष्टिक भोजन तैयार करने तथा उसे बच्चों को उचित तरीके से खिलाने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि घर में उपलब्ध अनाज, दाल, हरी सब्जियों, मौसमी फलों एवं अन्य पौष्टिक सामग्री का उपयोग कर स्वादिष्ट और संतुलित भोजन तैयार किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पोषण संबंधी संदेशों को अपने परिवार एवं आसपास के लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि पोषण माह के दौरान गांव में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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