धर्मशालाओं के व्यावसायिक उपयोग से टेंट हाउस कारोबार प्रभावित होने का आरोप, नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने की मांग
हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ टेंट डीलर्स एसोसिएशन ने जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न धर्मशालाओं में कथित तौर पर अवैध रूप से मैरिज पैलेस संचालित किए जाने के मामले में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि धर्मशालाओं का मूल उद्देश्य धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां हैं, लेकिन कुछ संस्थाओं द्वारा इनका उपयोग निजी आय अर्जित करने और विवाह-शादी व पार्टियों के आयोजन के लिए व्यावसायिक रूप से किया जा रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि धर्मशालाओं को रियायती दरों अथवा नि:शुल्क भूमि आवंटित किए जाने के बावजूद उनका वास्तविक उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप नहीं हो रहा है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर ठेकेदारों को ठेके पर देकर मैरिज पैलेस की तरह संचालन किया जा रहा है, जिससे नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ टेंट हाउस व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने कहा कि टेंट व्यवसायी निर्धारित नियमों के अनुसार कारोबार करते हैं, जबकि धर्मशालाओं में कथित व्यावसायिक गतिविधियों के कारण उन्हें प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इससे आम नागरिकों और व्यापारियों के हित प्रभावित होने की बात भी ज्ञापन में कही गई है।
टेंट डीलर्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से मांग की कि धर्मशालाओं को आवंटित भूमि एवं भवनों के उपयोग की जांच करवाई जाए। यदि किसी धर्मशाला में आवंटन की शर्तों के विपरीत मैरिज पैलेस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित पाई जाती हैं, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही अवैध रूप से संचालित मैरिज पैलेस बंद करवाकर भूमि आवंटन की शर्तों और संबंधित नियमों की पालना सुनिश्चित की जाए।
एसोसिएशन ने जिला कलेक्टर से इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर उचित जांच एवं कार्रवाई करवाने की मांग की, ताकि टेंट हाउस व्यवसाय पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को रोका जा सके।
ज्ञापन की प्रतिलिपि: व्यापार मंडल धर्मशाला, अग्रसेन समाज समिति, सामुदायिक केंद्र सेक्टर-12, करणी धर्मशाला और गौड़ धर्मशाला सहित संबंधित संस्थाओं के अध्यक्षों को भी भेजी गई है।














