Flash Story
रावण ने विभीषण को दरबार में लात मारकर लंका से निकाला, प्रभु श्रीराम की शरण में पहुंचे विभीषण
लॉयन्स क्लब हनुमानगढ़ सिटी ने फाटक गौशाला में की गौसेवा
रामलीला के दसवें दिन राम-हनुमान मिलन और बाली वध का हुआ प्रभावशाली मंचन
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की कथित टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस ने फूंका पुतला
जंक्शन में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा का अनावरण, जयकारों से गूंजा हाउसिंग बोर्ड मैदान
पुलकित कॉलेज की निकेता ने अंतरमहाविद्यालय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, निजी बस से लगभग 600 किलो दुर्गंधयुक्त मावा और खराब तेल की बदबू वाली नमकीन बरामद*
जंक्शन में मां दुर्गा के जयकारों के साथ निकली भव्य कलश यात्रा, 34वें दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ
पंचायत चुनावों की तयारी में जुटी कांग्रेस, देहात ब्लॉक की बैठक में बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का आह्वान*

रावण ने विभीषण को दरबार में लात मारकर लंका से निकाला, प्रभु श्रीराम की शरण में पहुंचे विभीषण

हनुमानगढ़। टाउन के श्रीरामलीला रंगमंच पर श्रीरामलीला समिति की ओर से आयोजित भव्य श्रीरामलीला महोत्सव के ग्यारहवें दिन श्रद्धा, भक्ति और रोमांच से भरपूर प्रसंगों का मंचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संतोषी माता की मनमोहक झांकी के प्रदर्शन से हुई। एपेक्स क्लब के पदाधिकारियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर आरती की। इसके बाद रावण के दरबार में विभीषण के अपमान और लंका से निष्कासन तथा विभीषण के प्रभु श्रीराम की शरण में पहुंचने के प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंचन के दौरान दिखाया गया कि रावण के दरबार में विभीषण उसे माता सीता को सम्मानपूर्वक प्रभु श्रीराम को लौटाने और अधर्म का मार्ग छोड़ने की सलाह देते हैं। लेकिन अहंकार में डूबा रावण अपने छोटे भाई की उचित सलाह को स्वीकार करने के बजाय क्रोधित हो उठता है। वह भरे दरबार में विभीषण को लात मारकर लंका से बाहर निकाल देता है। रावण के इस व्यवहार के बाद विभीषण प्रभु श्रीराम की शरण में पहुंचते हैं। यह प्रसंग दर्शाता है कि अहंकार और अधर्म का मार्ग अंततः विनाश की ओर ले जाता है, जबकि सत्य और धर्म का साथ देने वाला व्यक्ति सम्मान प्राप्त करता है। समिति सचिव दिनेश तलवाड़िया ने बताया कि वर्ष 1965 से अशोक वाटिका के मंचन में इस्तेमाल होने वाले फल लगातार समिति कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग के परिवार की ओर से उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। यह परंपरा समिति के प्रति परिवार के निरंतर सहयोग और समर्पण का प्रतीक है। समिति अध्यक्ष अर्चित अग्रवाल ने कहा कि रामलीला में अभिनय करने वाले सभी कलाकार पूरी मर्यादा, निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी भूमिकाएं निभा रहे हैं। रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कारों और आदर्श जीवन मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। हनुमानगढ़ की यह रामलीला पिछले 66 वर्षों से लगातार समाज को संस्कृति और आस्था से जोड़ रही है। दर्शक इन लीलाओं से मनोरंजन के साथ जीवन जीने की प्रेरणा भी प्राप्त करते हैं। अर्चित अग्रवाल ने बताया कि आगामी 20 अक्टूबर को हनुमानगढ़ टाउन बाईपास स्थित दशहरा ग्राउंड में भव्य दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के विशाल पुतले तैयार किए जा चुके हैं। इस अवसर पर समिति संरक्षक बालकृष्ण गोल्याण, अध्यक्ष अर्चित अग्रवाल, सचिव दिनेश तलवाड़िया, कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग, उपाध्यक्ष सज्जन बंसल, बालकिशन खदरीया, निर्देशक प्रेम रतन पारीक, उपनिर्देशक अशोक मिड्ढा और बहादुर सिंह चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रह्लाद गुप्ता ने किया। ग्राउड कि व्यवस्था श्री सनातन धर्म महावीर दल के स्वयसेवको ने कैपटन सोनू बसंल व उपकैपटन देववेन्द्र पाारीक के नेतृत्व में संभाल रखी हे ।

Back To Top