हनुमानगढ़। जंक्शन की भट्टा कॉलोनी स्थित स्वामी विवेकानंद रंगमंच पर स्वामी विवेकानंद रंगमंच सेवा समिति की ओर से आयोजित रामलीला के दसवें दिन किष्किंधा पर्वत, राम-हनुमान मिलन और बाली वध के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों ने सजीव अभिनय और भावपूर्ण संवादों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। राम-हनुमान मिलन के दृश्य ने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से भर दिया, वहीं बाली वध के प्रसंग ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में संजय गर्ग और एडवोकेट श्रीमती सौरभ शर्मा सपरिवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इनके साथ अन्य गणमान्य सदस्यों ने भी रामलीला का आनंद लिया और समिति की ओर से किए जा रहे आयोजन की सराहना की।
दसवें दिन के मंचन में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के किष्किंधा पर्वत पहुंचने तथा हनुमान से मिलन के प्रसंग को प्रस्तुत किया गया। हनुमान और भगवान श्रीराम के मिलन के माध्यम से भक्ति, समर्पण और सेवा भाव का संदेश दिया गया। इसके बाद सुग्रीव और बाली के बीच संघर्ष तथा बाली वध के प्रसंग का मंचन हुआ। कलाकारों ने युद्ध के दृश्यों और संवादों के माध्यम से कथा को आगे बढ़ाया। मंचन के दौरान दर्शक अंत तक रामलीला से जुड़े रहे।
इस दौरान समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा ने हनुमान का किरदार निभाया, जबकि दीपांशु वर्मा ने सुग्रीव, संदीप सिंह सिप्पु ने बाली और पवन ज्ञानी ने तारा की भूमिका अदा की। कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने सराहा। कार्यक्रम का मंच संचालन बलजीत सिंह और अमित तिवारी ने किया।
*18 अक्टूबर को 108 कन्याओं का महापूजन*
समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर समिति की ओर से 108 कन्याओं का महापूजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि कन्या पूजन के माध्यम से मां दुर्गा के स्वरूप में कन्याओं का सम्मान कर श्रद्धा और सेवा का संदेश दिया जाएगा।
रामलीला आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारी और सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समिति की ओर से रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, धर्म, मर्यादा, सत्य, भक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया जा रहा है। आयोजन में शहरवासियों की भागीदारी से रंगमंच पर धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल बना हुआ है।

