-हनुमानगढ़, नोहर और भादरा में देसी शराब के गोदाम बंद, श्रीगंगानगर में जीरो बिलिंग कर गोदाम बंद रखे; प्रदेशभर के ठेकेदारों ने एकजुट होकर जताया विरोध
हनुमानगढ़। आबकारी विभाग की नीतियों और कथित मनमानी के विरोध में समस्त शराब ठेकेदार यूनियन हनुमानगढ़ की ओर से बुधवार को देसी शराब के गोदामों पर तालाबंदी कर विरोध दर्ज करवाया गया। ठेकेदारों का आरोप है कि विभाग की ओर से राइडर लगाकर उन पर मनमाने नियम थोपे जा रहे हैं, जिससे उनके कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसी के विरोध में हनुमानगढ़ सहित नोहर और भादरा में शराब की गोदाम बंद रखे गये। वहीं, श्रीगंगानगर में ठेकेदारों ने जीरो बिलिंग रखते हुए गोदाम बंद कर विरोध जताया। ठेकेदारों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
शराब ठेकेदार यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप तिवाड़ी ने बताया कि आबकारी विभाग की ओर से अपनाई जा रही व्यवस्था के कारण ठेकेदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा राइडर लगाकर ठेकेदारों पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि शराब नीति में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कारोबार संचालित होना चाहिए। ठेकेदारों का कहना है कि नियमों में बार-बार बदलाव और आवंटन संबंधी व्यवस्था के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।
प्रदीप तिवाड़ी ने बताया कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में 50 यूपी शराब का आवंटन पहले 20 प्रतिशत निर्धारित था तथा इसके लिए विशेष आदेश भी जारी किए गए थे। परन्तु अब सरकार ने इसे बढ़ाकर पिछले महीने से 40 प्रतिशत कर दिया गया है। ठेकेदारों का कहना है कि आवंटन में इस तरह के बदलाव से निर्धारित व्यवस्था के तहत कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने विभाग से इस मामले में स्पष्टता लाने और पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप राहत देने की मांग की।
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, आबकारी नीति में लिफ्टिंग और एक्साइज गारंटी को लेकर जो प्रावधान तय किए गए थे, उनके अनुरूप ही शराब का उठाव और कारोबार होना चाहिए। ठेकेदारों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में विभागीय शर्तों के कारण उन्हें अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब नीति में प्रावधान पहले से निर्धारित हैं तो उनके क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता और एकरूपता होनी चाहिए।
शराब ठेकेदार यूनियन के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह विरोध केवल हनुमानगढ़ जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के शराब ठेकेदार एकजुट होकर अपनी मांगें उठा रहे हैं। हनुमानगढ़, नोहर और भादरा में तालाबंदी तथा श्रीगंगानगर में जीरो बिलिंग और गोदाम बंद रखने के माध्यम से विभाग तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
ठेकेदारों ने राज्य सरकार और आबकारी विभाग से मांग की कि राइडर संबंधी व्यवस्था की समीक्षा की जाए, आवंटन में किए गए बदलाव पर पुनर्विचार हो तथा नीति में तय नियमों के अनुसार कारोबार करने का अवसर दिया जाए। उनका कहना है कि विभागीय निर्णयों में ठेकेदारों की समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। अब इस विरोध के बाद आबकारी विभाग और राज्य सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस मौके पर भुपेन्द्र सुड्डा, अंकुर गोदारा, विष्णु स्वामी, बलराज सिंह, पलविन्द्र सिंह, अनुज रणवां, पवन खिचड़, मदन झोरड़, विनोद खिचड़ सहित अन्य शराब ठेकेदार मौजूद थे।














