स्वर्णकार समाज का भव्य सम्मान समारोह उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न

-नशामुक्त समाज का लिया संकल्प, संगठन और संस्कारों का दिया प्रेरक संदेश
हनुमानगढ़, स्वर्णकार समाज का बहुप्रतीक्षित भव्य सम्मान समारोह हनुमानगढ़ नगर में बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ मंगलमय वातावरण में गणपति वंदना और कुलदेव अजमीढ़ जी महाराज के वंदन से हुआ। इस अवसर पर समाजबंधु बड़ी संख्या में एकत्र हुए और पूरा पंडाल श्रद्धा, ऊर्जा और उत्साह से सराबोर हो गया।
समारोह के मुख्य अतिथि श्री घनश्याम सोनी (भारतीय राजस्व सेवा), क्षेत्रीय निदेशक, नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो, राजस्थान रहे। उनके साथ मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री भूपेंद्र सोनी (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गंगानगर), श्री नरेश सोनी (उपखंड अधिकारी, चिड़ावा), श्रीमती मीनू वर्मा (उपखंड अधिकारी, राजगढ़), श्री गौरव सोनी (आयुक्त, देवस्थान विभाग), श्री प्रवीण सोनी (जिला अध्यक्ष, फतेहाबाद), श्री प्रभु सोनी (गुड़गांव), श्री मोहित सोनी (वकील, सर्वोच्च न्यायालय, दिल्ली) तथा श्री नत्थूराम सोनी (पूर्व चेयरमैन, संगरिया) मंचासीन रहे। सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर और सम्मान पट्टिकाएं प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष मुरलीधर सोनी, संरक्षक भागीरथ सहदेव, जगदीश धूप्पड़, दर्शन जोड़ा, ओमप्रकाश धुप्पड़, कैलाश कड़ोल, उपाध्यक्ष नत्थू जोड़ा, मनमोहन, विनोद सहदेवा धौलीपाल, विनोद जसवंत सहदेवा, सुशील कुकरा, महामंत्री अनिल सहदेव, रामचन्द्र धूपड़, कंवरसेन भमा, मंत्री दीपक जसवंत जोड़ा, जयभगवान कुकरा, प्रचारमंत्री हरीश सहदेव, नवीन जोड़ा, कोषाध्यक्ष पवन ढल्ला, महिला सदस्य सीमा कड़ोल, प्रमिला कड़ोल, पूजा सोनी, सुधा जांगलवा, सुप्रीया कड़ोल, विशेष आमंत्रित सदस्य ओम मौसुण, पंकज मंडावरा, सूरजप्रकाश सोनी, कार्यकारणी सदस्य रामेश्वर, ओमप्रकाश, मदन, प्रेम जांगलवा, पंकज नारनौली, विक्की कंड़ा रामचन्द्र मौसुण, साहबराम मौसुण, रामनारायण सहदेवा, मनोज जोड़ा, रघुवीर सहदेवा, रोशन रूडवाल, दीपक नारनौली, सुनील कड़ोल, युवा कार्यकारणी संयोजक गौरव ढल्ला, सहसंयोजक अमित रोड़ा, बबलू कड़ोल, सदस्य मोहित, सुशील, कमल, दिनेश, साहिल, अरूण, मनोज, हैप्पी को पद की गरिमा व गोपनियता की शपथ दिलाई।,
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री घनश्याम सोनी ने नशे की बढ़ती समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशा व्यक्ति को खोखला करता है और परिवार व समाज को भी विनाश की ओर ले जाता है। यदि हमें अपने समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाना है तो हमें संगठित होकर नशे की इस बुराई को जड़ से समाप्त करना होगा। उन्होंने उपस्थित समाजबंधुओं को नशामुक्त समाज बनाने की शपथ दिलवाई।
श्री सोनी ने केंद्रीय सरकार द्वारा संचालित मानस परामर्श हेल्पलाइन नंबर – १९३३ की जानकारी दी। उन्होंने समाज को संदेश दिया कि यदि परिवार का कोई भी सदस्य नशे की चपेट में हो तो इस हेल्पलाइन से जुड़कर निःशुल्क परामर्श और उपचार प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि यह सेवा सरकार द्वारा समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
समारोह में स्वर्णकार सभा के नवनियुक्त प्रधान श्री मुरलीधर सोनी को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने समाज के उत्थान, प्रगति और संगठन की मजबूती के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज को विश्वास दिलाया कि वे समाज में व्याप्त कुरीतियों और सामाजिक चुनौतियों को दूर करने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहेंगे।
इस अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें भारतीय जनता पार्टी जिला उपाध्यक्ष श्री ओम सोनी, सभी तहसीलों के प्रधान, श्री ओम ध्रुपद, डॉ. रामचंद्र, कैलाश सोनी, मनमोहन सोनी, शेखर सोनी, गंगानगर से आए प्रतिनिधि, जयपुर प्रधान रमेश सोनी, सिरसा से श्री सज्जन सोनी, दिलावर सोनी, रोशन सोनी, ऐलनाबाद से राजेश कड़ोल और अरविंद सोनी विशेष रूप से शामिल रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन केवल सम्मान का अवसर नहीं है, बल्कि यह हमारी संघर्षशील परंपरा, संस्कारों और संगठन की शक्ति का प्रतीक है। जब-जब स्वर्णकार समाज ने एकता और संगठन का परिचय दिया है, तब-तब उसने इतिहास में स्वर्णिम अध्याय अंकित किए हैं। वक्ताओं ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, संस्कार और नशामुक्त जीवन आवश्यक हैं। मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष बीजेपी ओम सोनी ने किया
समारोह के दौरान वातावरण उत्साह और गौरव से भर गया। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, स्नेह और भाईचारे की झलक दिखाई दी। समाजबंधुओं ने यह भी अनुभव किया कि संगठन की शक्ति से किसी भी कठिनाई को दूर किया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर जब गगनभेदी नारे गूंजे तो पंडाल देशभक्ति और समाजभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो उठा। समाजबंधुओं ने एक स्वर में नारा लगाया –
“स्वर्णकार समाज एकता – जय हो जय हो!
सोना गढ़े सो स्वर्णकार – जय हो जय हो!”



