घग्घर नदी में बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क, कलेक्ट्रेट में अहम बैठक, जिला कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

अभी स्थिति सामान्य है, परंतु सभी विभाग हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे – जिला कलेक्टर
हनुमानगढ़, 30 अगस्त। घग्घर नदी में लगातार बढ़ रही पानी की आवक के मद्देनजर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की हैं। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हाई अलर्ट मोड पर रहें, मोबाइल और व्हाट्सएप सक्रिय रखें तथा कोई भी अधिकारी मुख्यालय न छोड़े। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छुट्टियों पर गए अधिकारी एवं कर्मचारी तुरंत वापिस लौटें, अन्यथा कार्यवाही की जाएगी।
जिला कलेक्टर ने कहा कि पंजाब और पीछे से आने वाले पानी की आवक पर निरंतर फीडबैक लिया जा रहा है। वर्तमान स्थिति सामान्य है, पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन कर राहत कैंप तैयार रखने के निर्देश दिए तथा आवश्यकता पड़ने पर भोजन, बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए भी अलग से व्यवस्थाएं की जाए। कॉजवे और मार्ग बंद होने की स्थिति में चेतावनी बोर्ड लगाए जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सायरन को पूरी तरह दुरुस्त रखा जाए। कलेक्टर ने एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस टीमों को एक्टिव मोड पर रहने के निर्देश दिए।
बैठक में जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर श्री प्रदीप रूस्तगी ने जानकारी दी कि जिले में घग्घर की कुल क्षमता 23,000 क्यूसेक पानी प्रवाहित होने की है, जिसे आईजीएनपी में डाइवर्जन के जरिये 28,000 क्यूसेक तक बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल 15,800 क्यूसेक पानी बह रहा है, जो नियंत्रण में है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पानी को आईजीएनपी में डायवर्ट कर दिया जाएगा। अब तक तटबंधों की मजबूती हेतु 1,63,000 मिट्टी के कट्टे उपलब्ध हैं।
जिला कलेक्टर ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। साथ ही कहा कि किसी भी आपात सूचना या सहायता के लिए नागरिक सुरक्षा जिला कंट्रोल रूम नंबर 01552-260299 पर संपर्क कर सकते हैं।
आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत मुख्य निर्णय
जिला कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत कई निर्णय जारी किए। जिले के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों के पूर्व स्वीकृत अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त किए। आदेश मुताबिक, घग्घर नदी से संबंधित राजकीय कार्यालय अवकाशों में भी खुले रहेंगे। जिले के सभी पेट्रोल पंप 24 घंटे खुले रहेंगे तथा पेट्रोल-डीजल आरक्षित रहेगा। राशन दुकानों पर खाद्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण अनिवार्य किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में तटबंधों की मजबूती हेतु कट्टों की भराई एवं अतिरिक्त व्यवस्था की जाए।
स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता व मेडिकल टीम गठन के निर्देश दिए गए है। बैठक में एडीएम उम्मेदी लाल मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जनेश तंवर, डिस्कॉम के एसई रिछपाल चारण, सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, डीएसओ सुनील घोड़ेला, नगर परिषद आयुक्त सुरेंद्र यादव, एसीईओ देशराज बिश्नोई सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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