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डबलीवास मौलवी चक की वोट व जनसंख्या दूसरे चक में जोड़ने पर ग्रामीणों में आक्रोश

– नियम विरुद्ध पुनर्गठन का आरोप, जिला कलेक्टर को सौंपा गया आपत्ति ज्ञापन
हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत डबलीवास मौलवी चक IDBL(A) की वोट व जनसंख्या को कथित रूप से दूसरे राजस्व चक डबलीवास कुतब में जोड़ने के मामले को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। इसी क्रम में डबलीवास मौलवी के ग्रामीणों ने लवली कम्बोज के नाम से आपत्ति दर्ज करवाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और नियमों के अनुसार पुनर्गठन की मांग की है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत डबलीवास मौलवी चक IDBL(A) में स्थित है, लेकिन इसके कुछ वोट व जनसंख्या को बाहर निकालकर दूसरी ग्राम पंचायत डबलीवास कुतब में जोड़ा गया है, जो कि पंचायत राज अधिनियम एवं निर्धारित नियमों के स्पष्ट विरुद्ध है। पंचायत राज व्यवस्था के अंतर्गत एक राजस्व चक में एक ही ग्राम पंचायत का प्रावधान है, इसके बावजूद डबलीवास मौलवी में इस नियम की अनदेखी की जा रही है। पूर्व में राज्य सरकार की गाइड लाइन द्वारा चक 1dblA के 35 वार्ड बनाए गए थे लेकिन राजनीतिक दवाब के कारण चक 1dblA की कुछ जनसंख्या को डबली वास कुतुब में दर्शाया दिया गया लेकिन अब पुनः चक 1dblA के 35 वार्ड तो बनाए जा रहे हैं लेकिन उनमें से कुछ जनसंख्या को डबलीवास कुतुब में दर्शाया जा रहा है जो कि नियमों के विरुद्ध है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पूर्व भी इस विषय को लेकर जिला प्रशासन को अवगत करवाया गया था। उस समय यह आश्वासन दिया गया था कि ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन के दौरान चक IDBL(A) के समस्त वोट व जनसंख्या को उसी चक में समाहित कर दिया जाएगा। बावजूद इसके हाल ही में पुनः चक IDBL(A) के कुछ वोट व जनसंख्या को डबलीवास कुतब में जोड़ दिया गया, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ गया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में किए गए वार्ड गठन में भी त्रुटियां रही हैं, जिन्हें सुधारने के बजाय फिर से नियम विरुद्ध निर्णय लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा राजनीतिक दवाब में आकर चक 1dbl A की पूरी जनसंख्या को नहीं दृशाया जा रहा ताकि भविष्य में डबली वास मौलवी नगरपालिका न बन सके । 2011 की जनगणना के अनुसार चक 1dblA की जनसंख्या 16158 लगभग है जिसके कारण चक 1dblA डबली वास मौलवी नगर पालिका के सभी नियमों को पूरा कर रही है।
ग्रामीणों ने मांग की कि चक IDBL(A) के सभी वोट व जनसंख्या को एक ही चक में रखा जाए और वार्डों का पुनर्गठन पूरी तरह से नियमों एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए।
लवली कम्बोज ने बताया कि यह मामला केवल प्रशासनिक गलती का नहीं, बल्कि ग्रामीणों के अधिकारों से जुड़ा है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में पंचायत स्तर पर कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होंगी। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र उचित कार्रवाई की जाए, ताकि नियमों की पालना सुनिश्चित हो सके और ग्रामीणों को न्याय मिल सके।



