थेड़ी गंगानी में दूषित पानी को लेकर ग्रामीणों का चक्का जाम

हनुमानगढ़ टाउन के निकट रामसरा नारायण पंचायत के थेड़ी गंगानी गांव में रविवार को ग्रामीणों ने दूषित पानी की आपूर्ति और वाटर वर्क्स की जर्जर हालत को लेकर मेन सड़क पर चक्का जाम कर दिया। सुबह करीब 8 बजे से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन 10:30 बजे तक जारी रहा। इस दौरान ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप था कि गंगानी थेहड़ी में बने वाटर बॉक्स से गंदा और दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। हाल ही में वाटर बॉक्स में एक मरी हुई गाय मिलने से हालात और बिगड़ गए, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिली।
पीएचईडी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी
ग्रामीणों का कहना था कि दूषित पानी पीने से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सुबह से सड़क जाम होने के बावजूद पीएचईडी विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। लगभग ढाई घंटे बाद जब पुलिस अधिकारी पहुंचे तो उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। इसके बाद पीएचईडी विभाग के अधिशाषी अभियंता मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने उनके खिलाफ भी नारेबाजी की और उन्हें अपनी 10 सूत्री मांगों की सूची सौंपी।
रखी गईं मुख्य मांगें

ग्रामीणों ने अपनी मांगों में वाटर बॉक्स की चारदीवारी बनाने, दिग्गियों को खाली कर साफ करने, वाटर बॉक्स में मिट्टी भरने, वाल्व और चौक की मरम्मत करवाने, नियमित कर्मचारी की नियुक्ति करने जैसी समस्याओं के समाधान की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पाएगा।
समझौते के बाद खत्म हुआ धरना। पीएचईडी विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को मानते हुए जल्द ही समाधान का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम और धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि हरदीप सिंह रोड़ीकपूरा, भारतीय किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष काका सिंह रोडीकपुरा, डूंगर राम चोपड़ा, रेशम सिंह, रघुवीर सिंह उपसरपंच, रणजीत साई, गुरमेल सिंह, हरबंस सिंह, निहाल चंद, सीताराम, अभय टाक, सुखबीर सिंह, अमृतपाल, दले सिंह, हरि सिंह, बेतों देवी, देवेंद्र सिंह, भीम सिंह बाना, मनीष मक्कासर सहित कई लोग उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।



